सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

इरफान खान को मुम्बई में किया गया सुपुर्द-ए-खाक, भाई बोले… अब हम सब अकेले हो गए


जहां जाऊंगा वहीं रोशनी लुटाऊंगा
किसी चिराग का अपना मकां नहीं होता


जयपुर /मुंबई :: नामी शायर वसीम बरेलवी का यह मशहूर शेर हर दिल अजीज फिल्म अभिनेता इरफान खान पर एकदम सटीक बैठता है। खुद इरफान खान इस शेर को किसी फेस्टिवल या अपनों के बीच सुनाया करते थे।


खैर, आज वो हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी यादें और मुलाकातें उनके जज्बातों को बयां करती हैं। इरफान खान ने अपनी मां सईदा बेगम की शिददत भरी मुहब्बत और दुआओं के दम पर ही दुनिया भर में अपनी रोशनी फैलाई। मां से बेइंतहां मुहब्बत करने वाले इरफान हमेशा कहते कि अभी ज़िंदा है मां मेरी मुझे कुछ नहीं होगा, मैं घर से जब निकलता हूं दुआ भी साथ चलती है’। अब इरफान भी नहीं रहे। यहां ऐसा लगता है कि जैसे मां जाते—जाते कल निगाहों से कह गईं हो कि तुमको भी अपने साथ लिए जा रही हूं। बीते पांच दिन पहले मां का इंतकाल हुआ था, इरफान कहते थे कि मां इतने साल जिंदा रहीं, क्योंकि इरफान उन्हें कहते थे ‘अगर तू चली गई, तो पीछे-पीछे मैं भी चला आऊंगा। बॉलीवुड़ अभिनेता इरफान खान को मुंबई में वर्सोवा कब्रिस्तान में आज दफनाया गया। इस दौरान इरफ़ान  खान को अंतिम विदाई देने उनके परिवार, करीबी रिश्तेदार और दोस्त मौजूद थे।


जयपुर की सकरी गलियों से निकलकर बॉलीवुड और फिर हॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले मशहूर फिल्म अभिनेता इरफान खान आज हमारे बीच नहीं रहे। इरफान खान बुधवार को अपनी जिंदगी की जंग बहादुरी के साथ हार गए। मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। उस वक्त उनके साथ में पत्नी सुतापा सिकदर और दोनों बेटे व करीबी मित्र साथ थे। इरफान खान के यूं अचानक चले जाने से उनके फैंस और बॉलीवुड सेलेब्स सदमे में हैं। जहां तक जयपुर के घर और पुश्तैनी मकान टोंक की बात करें तो चारों ओर गम का माहौल छा गया। इरफान का परिवार और दोस्त लोग भी सदमे में है। इरफान के संघर्ष के साथी रहे वरिष्ठ नाटय निर्देशक साबिर खान, रियाज हसन और रवि चतुर्वेदी सहित कई दोस्तों ने उनके निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया।


भाई बोले… अब हम सब अकेले हो गए


इरफान खान के निधन के चलते उनके परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। इरफान के छोटे भाई इमरान ने भावुक होते हुए कहा कि पहले वालिद चले गए, फिर मां चल बसी और अब भाई। हम सब अकेले पड़ गए हैं। पापा के समय भी इरफान भाई साथ नहीं थे और मां के वक्त भी। आज खुद भी हम सबको छोड़कर अकेला छोड़ गए।


मुम्बई में किया गया सुपुर्द-ए-खाक


इरफान को बुधवार शाम पांच बजे मुंबई के वर्सोवा स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। लॉकडाउन के चलते इस दौरान इरफान के परिवार या करीबियों को ही उनके अंतिम दर्शन में आने दिया गया। अन्तिम सफर में फैंस के शामिल होने पर पूरी तरह रोक रही।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क