सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

इरफान खान के निधन से गमगीन बॉलीवुड ने कहा, ‘‘बहुत जल्दी कह दिया अलविदा...’’


मुम्बई, 29 अप्रैल :: राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले इरफान खान के बुधवार को दुनिया को अलविदा कहने के बाद बॉलीवुड जगत गमगीन है और हर कोई यही कह रहा है कि ‘‘बहुत जल्दी अलविदा कह गए....’’।


इरफान ने ‘मकबूल’, ‘द नेमसेक’, ‘लाइफ ऑफ पाई’, ‘पान सिंह तोमर’ , ‘हासिल’ जैसी कई फिल्मों में विभिन्न तरह के किरदार निभा अपने अभिनय का जौहर दिखाया....मदहोश करने वाली मुस्कुराहट और जादुई प्रतिभा के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।


इरफान (54) ने मुम्बई के एक अस्पताल में पत्नी सुतापा, बेटे बाबिल और अयान की मौजूदगी में अंतिम सांस ली। अभिनेता 2018 से एक दुर्लभ किस्म के कैंसर न्यूरोएंड्रोक्राइन ट्यूमर से जंग लड़ रहे थे।


फिल्म ‘पीकू’ में उनके साथ काम करने वाले अमिताभ बच्चन और शूजित सरकार ने उनके निधन पर शोक जताते हुए इसे एक बेहद दुखद खबर बताया।


बिग बी ने लिखा, ‘‘ एक अविश्वसनीय प्रतिभा ... एक बेहतरीन सहयोगी ... सिनेमा की दुनिया में शानदार योगदान देने वाले.... बेहद जल्दी अलविदा कह गए.... उनके जाने से एक खालीपन आ गया है... प्रार्थना और दुआ।’’


इरफान के निधन की खबर सबसे पहले देने वालों में शामिल शूजित सरकार ने लिखा, ‘‘मेरे प्रिय मित्र इरफान। तुम लड़े, लड़े और लड़ते रहे। मुझे हमेशा तुम पर गर्व रहेगा.... हम दोबारा मिलेंगे...सुतापा और बाबिल को मेरी संवेदनाएं... तुमने भी लड़ाई लड़ी.... सुतापा तुमने इस लड़ाई में अपना सब कुछ दिया। ओम शांति। इरफान खान तुम्हें सलाम।’’


फिल्म ‘रोग’ में अभिनेता के साथ काम करने वाले निर्देशक महेश भट्ट ने उनकी बीमारी का पता चलने के बाद उनसे मुलाकात की थी।


उन्होंने लिखा, ‘‘ तुम्हारी वह मुस्कुराहट हमेशा याद रहेगी।’’


फिल्म ‘सात खून माफ’ में खान के साथ काम करने वाली प्रियंका चोपड़ा ने कहा, ‘‘ हर चीज को जो आप निखार देते थे वह एक जादू था। आपकी प्रतिभा ने कई लोगों को कई रास्ते दिखाए। आपने हम में से कई को प्रेरित किया। इरफान खान आपकी बहुत याद आएगी। परिवार को संवेदनाए।’’


अक्षय कुमार ने कहा कि वह इरफान खान के निधन की खबर सुन स्तब्ध हैं।


वहीं फिल्मकार करण जौहर ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर इरफान ने भारतीय सिनेमा का स्तर बढ़ाया और उन्हें बहुत याद किया जाएगा।


अभिनेता अजय देवगन और उनकी पत्नी एवं अदाकारा काजोल ने भी खान के निधन पर शोक जताया और परिवार के प्रति संवेदनाएं जाहिर की।


फरहान अख्तर, निमृत कौर, तापसी पन्नू, शबाना आजमी, अनुष्का शर्मा , अनिल कपूर ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।


अभिनेता एवं राजनेता कमल हासन ने कहा, ‘‘ आप बहुत जल्दी अलविदा कह गए इरफान जी। आपके काम ने हमेशा मेरा दिल जीता। आप उन बेहतरीन अभिनेताओं में से एक थे, जिन्हें मैं जानता हूं... काश! आप थोड़ा और रुक जाते। आप यकीनन अधिक समय के हकदार थे।’’


वहीं हॉलीवुड निर्देशक अवा डुवरने ने भी इरफान को याद करते हुए खुद को उनका एक बड़ा प्रशंसक बताया।


उन्होंने ट्वीट किया ‘‘, बेहद जल्दी अलविदा कह गए। जब वह पर्दे पर होते हैं तो आप पलक भी नहीं झपका सकते । वह अपनी फिल्मों को जीते थे।’’ 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क