गृह मंत्रालय ने देश में 2,000 विदेशी जमात कार्यकर्ताओं को तत्काल पृथक करने, वापस भेजने को कहा

नयी दिल्ली, ::  केंद्र ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे भारत में मौजूद तबलीगी जमात के करीब 2,000 विदेशी कार्यकर्ताओं का तत्काल पता लगाए और उन्हें पृथक करें।


तबलीगी जमात के मुख्यालय मरकज निजामुद्दीन में आयोजित हुए कार्यक्रम में भाग लेने वालों में से कई लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने और छह लोगों की संक्रमण के कारण तेलंगाना में मौत हो जाने के बाद केंद्र ने राज्यों से यह बात कही।


गृह मंत्रालय ने सभी मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों को लिखे पत्र में उनसे कहा है कि वे उन सभी विदेशी जमात अनुयायियों को ‘‘पहली उपलब्ध उड़ान से’’ उनके देश भेजें जो संक्रमित नहीं पाए गए हैं।


गृह मंत्रालय ने पत्र में कहा, ‘‘इस समय तबलीग कार्य के लिए पर्यटन वीजा पर आए 70 से अधिक देशों के करीब 2000 विदेशियों के देशभर में फैले होने का अनुमान है। इनमें से अधिकतर विदेशी नागरिक बांग्लादेश (493), इंडोनेशिया (472), मलेशिया (150) और थाईलैंड (142) से आए हैं और देश में उनके रहने की अवधि छह माह तक है।’’


मंत्रालय ने 28 मार्च को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा, ‘‘कुछ तबलीगी जमात सदस्यों के दिल्ली के निजामुद्दीन में बंगले वाली मस्जिद स्थित उसके मुख्यालय में ठहरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।’’


उसने कहा कि देश के अंदरूनी हिस्सों में घूमने वाले जमात दल ‘‘कोविड-19 के संभावित वाहक प्रतीत’’ होते हैं।


मंत्रालय ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से तबलीग टीम के हर विदेशी नागरिक की पूरी जांच करने और आवश्यकता पड़ने पर उसे अलग रखने या अस्तपाल में भर्ती कराने की सलाह दी।


उसने कहा कि यदि विदेशी नागरिक संक्रमित नहीं पाया जाता है तो उसे पहली उपलब्ध उड़ान से तत्काल उसके देश भेजा जाए।


Popular posts
बेरीस्टर असदुद्दीन आवेसी को महेश जोशी द्वारा भाजपा ऐजेंट बताने की कायमखानी ने कड़ी निंदा की।
ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कारपोरेशन चुनाव मे कांग्रेसजन भाजपा के लिये सहायक बनते नजर आ रहे है। - भाजपा के दिग्गज नेता चुनाव प्रचार मे उतरे- प्रधानमंत्री मोदी मे प्रचार करेगे।
राजस्थान की राजनीति मे कांग्रेस-भाजपा के अतिरिक्त आगामी विधानसभा चुनावों मे तीसरे विकल्प की सम्भावना बनती दिखाई दे रही है। - कोटा नगर निगम चुनाव मे वेलफेयर पार्टी व एसडीपीआई के उम्मीदवार विजयी होने से हलचल।
एआईएमआईएम के राजस्थान आने से पहले कांग्रेस नेताओं मे बोखलाहट। राजस्थान मीडिया मे आवेसी को लेकर बहस व लेख लिखने शुरु।
इमेज
100 से ज्यादा लोगों को शादी में बुलाना पड़ा महंगा , लगा जुर्माना