सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वाले की संख्या एक लाख के पार हुई

रोम,:: दुनिया भर में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से मरने वाले लोगों की संख्या शुक्रवार को एक लाख के आंकड़े को पार कर गई। विश्वभर में करोड़ों लोगों को कोविड-19 महामारी के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के कारण घरों में ही ईस्टर मनाना पड़ा।


इस संक्रमण के कारण इटली में 18,849 लोगों की मौत हुई हैं। यह विश्व भर में किसी देश में सबसे अधिक मृतक संख्या है, जबकि उसके बाद अमेरिका में 17,925 लोगों की मौत हुई है। वहीं, स्पेन में 15,843 लोगों की मौत हुई है।


दुनिया भर में इस वायरस से अब तक 16 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या शुक्रवार को 1,00,661 तक पहुंच गई। इनमें से करीब 70 प्रतिशत लोगों की मौत यूरोप में हुई हैं। यूरोप में अब तक 70,245 लोगों की मौत हुई है।


स्थिति बहुत भयावह होती जा रही है, ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सख्त चेतावनी जारी की है कि समय से पहले बंद हटाने से बीमारी बहुत तेजी से फैल सकती है। दुनिया की आधी से अधिक आबादी बंद लागू होने के कारण अपने घरों में हैं।


न्यूयॉर्क से लेकर नयी दिल्ली और नेपल्स तक में वायरस को फैलने से रोकने के लिए असाधारण कदम उठाए गए हैं। व्यवसाय ठप हैं और स्कूल बंद हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां बंद होने से दुनिया 1930 के दशक की महामंदी के बाद अब सबसे बड़ी मंदी की ओर जा रही है।


अमेरिका में यह वायरस बहुत तेज गति से फैला है, जहां अब तक पांच लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि करीब 18,000 लोगों की मौत हो चुकी है।


अमेरिका और यूरोप के स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन अधिकारियों ने स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई है।


गुड फ्राइडे पर आमतौर पर दुनिया भर के गिरजाघरों में भारी भीड़ होती है, लेकिन शुक्रवार को दुनिया के अधिकांश हिस्सों में लागू बंद के कारण करोड़ों लोगों ने अपने घर से ही यीशु को याद किया।


लोग ईस्टर भी अपने घरों में रहकर मनाने पर मजबूर हैं। यहां तक कि पोप फ्रांसिस के ईस्टर संदेश की भी लाइव-स्ट्रीमिंग की जाएगी।


जर्मनी में श्रद्धालुओं ने गुड फ्राइडे मनाने के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन किया।


दुनिया भर में चार अरब से अधिक लोग अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं क्योंकि कई देशों की सरकारों ने इस घातक वायरस को फैलने से रोकने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं।


इस हफ्ते, चीन ने वुहान में लॉकडाउन को हटा दिया और प्रतिबंधों को कम करना शुरू कर दिया गया। 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह

पत्रकारिता क्षेत्र मे सीकर के युवा पत्रकारों का दैनिक भास्कर मे बढता दबदबा। - दैनिक भास्कर के राजस्थान प्रमुख सहित अनेक स्थानीय सम्पादक सीकर से तालूक रखते है।

                                         सीकर। ।अशफाक कायमखानी।  भारत मे स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता जगत मे लक्ष्मनगढ निवासी द्वारा अच्छा नाम कमाने वाले हाल दिल्ली निवासी अनिल चमड़िया सहित कुछ ऐसे पत्रकार क्षेत्र से रहे व है। जिनकी पत्रकारिता को सलाम किया जा सकता है। लेकिन पिछले कुछ दिनो मे सीकर के तीन युवा पत्रकारों ने भास्कर समुह मे काम करते हुये जो अपने क्षेत्र मे ऊंचाई पाई है।उस ऊंचाई ने सीकर का नाम ऊंचा कर दिया है।         इंदौर से प्रकाशित  दैनिक भास्कर के प्रमुख संस्करण के सम्पादक रहने के अलावा जयपुर सीटी भास्कर व शिमला मे भास्कर के सम्पादक रहे सीकर शहर निवासी मुकेश माथुर आजकल दैनिक भास्कर के जयपुर मे राजस्थान प्रमुख है।                 दैनिक भास्कर के सीकर दफ्तर मे पत्रकारिता करते हुये उनकी स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता का लोहा मानते हुये जिले के सुरेंद्र चोधरी को भास्कर प्रबंधक ने उन्हें भीलवाड़ा संस्करण का सम्पादक बनाया था। जिन्होंने भीलवाड़ा जाकर पत्रकारिता को काफी बुलंदी पर पहुंचाया है।                 फतेहपुर तहसील के गावं से निकल कर सीकर शहर मे रहकर सुरेंद्र चोधरी के पत्रका