सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

धार्मिक संस्थानों, मठों, डेरों, मंदिरों, इदारों, गुरुद्वारों और चर्चों के नाम पत्र लिखकर प्रियंका गांधी ने की अपील


लखनऊ, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी  ने धार्मिक संस्थानों, मठों, डेरों, मंदिरों, इदारों, गुरुद्वारों और चर्चों के नाम अपील करते हुए पत्र लिखा है।
महासचिव ने पत्र में लिखा है कि हमारा देश कोरोना महामारी के भयानक संकट से गुजर रहा है। मानव जाति पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। देश के कोने-कोने से लोग अपने घरों को भूखे-प्यासे लौट रहे हैं। लोगों की नौकरियों छूट रहीं हैं। मजदूरों के काम बंद हो गए हैं। ठेले खोमचे वालों रोजी ठप्प हो गयी है।
हालात यह हैं कि कई जगह लोग दाने-पानी को तरस रहे हैं। बीमार-बुजुर्ग लोगों के पास दवा नहीं पहुंच रही है। बच्चे भूख से व्याकुल हो रहे हैं। जगह-जगह से मुझे रोज दर्दनाक तस्वीरें और खबरें मिल रहीं हैं।  
उन्होंने पत्र में अपील में कहा है कि आप और आपकी संस्थाएँ सैकड़ों-हजारों वर्षों से इंसानियत की सेवा कर रही हैं और सबको नेकी का रास्ता दिखा रही हैं। मानव सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य और सवाब है। आपसे हम सबको प्रेरणा मिलती है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कोरोना महामारी में लोगों की मदद कर रही है। महासचिव ने अपने पत्र में अपील करते हुए लिखा है कि मैंने उप्र के हर जिले में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की वॉलेंटियर टीम ‘कांग्रेस के सिपाही’ बनवाकर उन्हें जरूरतमंदों की मदद करने को कहा है। हमारे साथी अपनी शक्ति भर इसमें मदद कर रहे हैं।
महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी जी ने गुजारिश करते हुए पत्र के अंत में लिखा है कि यदि आपको आपके जनसेवा के कार्यों में वॉलेंटियर्स की जरूरत है तो आप हमारी जिला टीम से संपर्क कर सकते हैं। सांझी रसोई चलाने से लेकर जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने के काम में हमारे साथी आपकी मदद करने को सहर्ष तैयार हैं। कोरोना आपदा में राहत व बचाव कार्यों से जुड़े अन्य कामों में भी यह आपके साथ सहयोग को तत्पर रहेंगे। मुझे उम्मीद नहीं विश्वास है कि इस लड़ाई में हम सब एकजुट होकर एक दूसरे की मदद करेंगे और कोरोना महामारी से भारतवासियों की रक्षा करने का हर एक प्रयास करेंगे।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह