सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आम जनमानस को कोरोना के संक्रमण से बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता -डॉ दिनेश शर्मा

लखनऊ: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए अपनी विधायक निधि से लखनऊ, आगरा तथा रायबरेली के लिए धनराशि जारी करने की संस्तुति दी है। उन्होंने अपने एक माह का वेतन भत्तों सहित कोरोना पीडितों के उपचार व संक्रमण से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की भी घोषणा की है। डा शर्मा ने लखनऊ सहित अपने प्रभार वाले दो जिलों (आगरा व रायबरेली) के लिए धनराशि निर्गत करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी लखनऊ को पत्र भेज दिया है।  डिप्टी सीएम ने राजधानी लखनऊ के लिए 01 करोड रूपए तथा रायबरेली के लिए 25 लाख व आगरा के लिए 25 लाख रूपए निर्गत करने की संस्तुति की है। इस धनराशि का प्रयोग कोरोना वायरस के आम लोगों के बचाव के लिए आवश्यक उपकरण अथवा अन्य सामान खरीदने के लिए किया जाएगा। 
    डॉ शर्मा ने कहा कि आम जनमानस को कोरोना के संक्रमण से बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है, उसी कडी में इस धनराशि के लिए संस्तुति दी गई है। प्रदेश सरकार कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रदेश में हर प्रकार की पुख्ता व्यवस्थाएं की गईं हैं। उन्होंने लोगों से अपील कि वे घर पर ही रहें तथा केवल अति आवश्यक कार्य होने पर ही घर से निकले क्योंकि बचाव ही सुरक्षा का एक मात्र उपाय है। उन्होंने कहा कि देश के सामने कोरोना महामारी का जो संकट खडा हुआ है उससे लडाई में अभी तक लोगों ने काफी सहयोग किया है पर इस सहयोग को और बढाने की आवश्यकता है। यह सहयोग घर में रहकर किया जा सकता है। 
      डा शर्मा ने कहा कि लोगों को मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा की गई अपील का पूरी तरह से पालन करना चाहिए। यह समय एकजुट होकर सरकार के साथ खडे होने और सरकारी निर्देशों के पालन करने का है। जरा सी असावधानी पूरे देश को संकट में डाल सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देशवासी एकजुट होकर कोरोना पर विजय प्राप्त करने के बाद एक बार फिर न्यू इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ सकेंगे। उनका कहना है कि लोग परेशान नहीं हों उन्हे घर में सामान की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने डोर स्टेप डिलीवरी के तंत्र को काफी पुख्ता तरह से लागू कर दिया है। आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। 
      उपमुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से बात कर सामान की आपूर्ति बनाए रखने की अपील की है।  


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क