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उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले बुधवार से तीन दिन के लिए रहेंगे लॉकडाउन

लखनऊ, :: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले बुधवार से तीन दिन के लिए लॉकडाउन रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि जरूरत पड़ने पर कुछ क्षत्रों में कर्फ्यू भी लगाया जा सकता है।


राज्य के 17 जिले पहले से ही लॉकडाउन में थे। आज शामली और नोएडा में कोरोना वायरस के मामले आने के बाद मुख्यमंत्री ने समूचे राज्य में लॉकडाउन का ऐलान किया।


योगी ने अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बात की। उन्होंने कहा, "समूचा राज्य बुधवार से 27 मार्च तक लॉकडाउन रहेगा।"


उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाने की आवश्यकता भी पड़ सकती है। संवेदनशील इलाकों में संबंधित जिला प्रशासन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के साथ मिलकर तय करेंगे कि कर्फ्यू कहां लगाना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आवश्यक प्रतिबंध कड़ाई से लागू किए जाएंगे।


उन्होंने बाद में ट्वीट कर कहा, "कल से प्रारम्भ हो रहे तीन दिवसीय जनता कर्फ्यू (लॉकडाउन) में प्रदेश की 23 करोड़ जनता-जनार्दन स्वतः स्फूर्त बन्दी में अपना अभूतपूर्व सहयोग देगी, यह मेरी अपील है। प्रदेश सरकार आपके उत्तम स्वास्थ्य, आपकी सुरक्षा और आपकी सुविधा के लिए हर क्षण - हर पल तत्पर है।"


मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की इस लड़ाई में हम सब सहभागी बनें। लॉकडाउन की तात्कालिक कठिनाई को जीवन का अनुशासन मानते हुए इसे “स्वस्थ एवं सुरक्षित" भविष्य का अभिन्न हिस्सा मानें।


लॉकडाउन की वजह से बुरी तरह प्रभावित दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों के लिए योगी ने कहा कि उन्हें भले ही इस अवधि में कार्य नहीं मिल रहा है तो भी उनका तयशुदा भत्ता उन्हें मिलना चाहिए और ये सुनिश्चित करने के कदम उठाए जा रहे हैं।


उन्होंने जनता से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से मास्क का इस्तेमाल ना करें क्योंकि इससे लोगों में अफरा-तफरी फैलती है। मास्क की आवश्यकता सभी को नहीं है। इनका इस्तेमाल उन्हीं को करना चाहिए जिन्हें इनकी आवश्यकता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रेता किसी सामान का अधिक दाम न वसूलने पाए या किसी सामान की जमाखोरी ना होने पाए, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसा करता है तो स्थानीय प्रशासन को उसके खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए।


उन्होंने लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की और कहा कि वे बाहर ना निकले क्योंकि उन्हें परिवहन का कोई साधन नहीं मिलेगा। राज्य की सीमाएं सील कर दी गई हैं।


अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने बाद में संवाददाताओं को बताया, ‘‘फरवरी माह से ही सरकार लगतार कोरोना वायरस रोकथाम पर काम कर रही, जिसका सकरात्मक परिणाम सामने आ रहा है। प्रदेश में पूरी प्रशासनिक मशीनरी, जनता और मीडिया का सहयोग लेकर हम इससे लड़ने का प्रयास कर रहे हैं।’’


उन्होंने कहा, "बड़ी चुनौती है कि पिछले कुछ दिनों में एक लाख लोग हमारे प्रदेश में विदेशों से आये हैं। ये हमारे लिए चुनौती है।’’


अवस्थी ने बताया, ‘‘प्रदेश में सीएए को लेकर धरने चल रहे थे, लेकिन कोरोना के चलते धरने स्थगित कर दिए गए हैं।’’


उन्होंने कहा, ‘‘पीआरवी 112 वैन और पुलिस भी पूरी तरह से आम लोगों का सहयोग कर रही है। पान मसाला और गुटका पर भी हम पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। लोगों से अनुरोध है कि वे पार्कों आदि में ना जाएं।’’


अवस्थी ने बताया, ‘‘कल से लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। ज़िला प्रशासन लोगों को समझाए कि कोई भी कोई गलत कदम न उठाएं। यूपी-112 भी हर संभव मदद देगी।’’


उन्होंने कहा, ‘‘ज़िला स्तर के अधिकारी द्वारा स्थिति के अनुसार कर्फ्यू भी लगया जा सकता है... अभी तक 350 प्राथमिकियां दर्ज हुई हैं।’’


अपर मुख्य सचिव ने कहा, "25-26-27 मार्च को पूरे प्रदेश को लॉकडाउन कर रहे हैं। प्रदेश के किसी भी जनपद में अगर लोग लॉकडाउन के दौरान सहयोग नहीं करते हैं तो जिलाधिकारी उन जिलों में कर्फ्यू लगा सकते हैं।"


उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर लगाकर लोगों तक कोरोना के बारे में प्रचार प्रसार करें जिससे लोग जागरूक हो सकें।


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