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राजस्थान : बाहरी राज्यों से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जा रही है गहन स्क्रिनिंग, ताकि प्रदेशवासी महफूज रह सकें -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर, 26 मार्च। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि पड़ौसी राज्यों से हजारों की तादात में लोग पैदल ही सिरोही, जालौर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर क्षेत्र में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी की बॉर्डर पर रोककर ही गहन स्क्रीनिंग की जा रही है। जरूरत पड़ने पर क्वारेंटाइन भी किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का हर नागरिक महफूज रह सके। 


पूरी दुनिया कोरोना की चपेट में, राज्य में 40 हुई पॉजीटिव मरीजों की संख्या
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी की चपेट में पूरी दुनिया के 198 देश आ चुके हैं। इसमें 4 लाख 73 पॉजीटिव पाए गए हैं और 21 हजार 334 व्यक्ति अब तक इस बीमारी के चलते मौत के मुंह में समा चुके हैं। भारत में 681 लोग अब तक पॉजीटिव आए हैं और 13 लोग काल कलवित हुए हैं। राजस्थान में 40 केसेज पॉजीटिव आए हैं। आज भीलवाड़ा निवासी 73 वर्षीय श्री नारायण सिंह, जो कि मधुमेह से पीडि़त थे। उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और किडनियां खराब थी। वे भी बांगड़ अस्पताल जहां से संक्रमण फैला था। इसी में 3 से 11 मार्च तक दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए भर्ती हुए थे। उनका निधन हो गया। 


भीलवाड़ा, झुंझुनूं, जयपुर, जोधपुर और प्रतापगढ़ जिलों पर सरकार की विशेष नजर 
उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार पूरे प्रदेश के प्रति सजग है लेकिन पॉजीटिव केसेज का ग्राफ पिछले 3-4 दिनों मंे कुछ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार भीलवाड़ा, झुंझुनूं, जयपुर, जोधपुर और प्रतापगढ़ जिलों में सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा के करीब 28 लाख लोगों में से 24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग चिकित्सा विभाग द्वारा करवा दी गई है। उनके सैंपल भी लिए हैं और जांचें भी हुई हैं। अगले दो दिनों 700 सैंपलों की जांच और हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जगह-जगह घूम रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जो 4 लाख लोग स्क्रीनिंग से बचे हुए हैं अगले 2 दिनों में उनकी भी स्क्रीनिंग हो जाएगी। उन्होंने कहा कि झुंझुनूं में पॉजीटिव केसेज बढ़ रहे हैं, वहां पर भी आरआरटी (रेपिड रेस्पॉन्स टीम) और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी और सर्वे का काम कर रही है। 


मुख्यमंत्री की है पल-पल पर नजर 
डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य में जबसे पहला केस 2 मार्च को देखने में आया तब से ही स्वयं मुख्यमंत्री ने सतर्क होकर सैकड़ों मीटिंगें, दर्जनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री रोहित कुमार सिंह के नेतृत्व में मेडिकल वॉर रूम बनाया है, जिसमें 9 आईएएस, आईपीएस, आरएएस अधिकारियों को लगाया है। वहीं आईटी के सचिव श्री अभय कुमार के नेतृत्व में आईटी वार रूम बनाया है, ताकि किसी भी हालात से आसानी से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों और जिला अस्पतालों में हमारी टीमें सर्वे, स्क्रीनिंग, आइसोलेशन और क्वारेंटाइन का काम पूरी सजगता और तत्परता से कर रही है।
 
कोरोना से लड़ने के लिए 735 डॉक्टर्स को दी नियुक्ति
डॉ. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1 लाख क्वारेंटाइन बैड हमने तैयार कर लिए हैं। संदिग्धों की जांच की सुविधा जहां पहले 5 जिलों में होती थी, अब 9 जिलों में जांचें हो रही है। मुख्यमंत्री की सोच है कि हर जिले में जांच की सुविधा विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि 25 मार्च को ही 735 डॉक्टर्स को सीएमएचओ को लिस्ट सौंप दी है। अलग-अलग जिलों में आवश्यकता के अनुसार डॉक्टर्स को लगाया जाएगा। 


जनता सोशल डिस्टेंसिंग पर दे पूरा ध्यान 
उन्होंने कहा कि दूध, सब्जी, किराने का सामान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को नियमित रखने के लिए आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की जनता को परेशानी ना हो। सरकार चाहती है कि बिना कारण कोई भी लॉकडाउन का उल्लंघन ना करे। उन्होंने कहा कि जनता यदि सोशल डिस्टेंसिंग रखेगी तब ही हम कोरोना पर नियंत्रण कर पाएंगे। 


भूखे को पेटभर रोटी के लिए सरकार की पुख्ता व्यवस्था 
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री का संकल्प है कि मुश्किल के ऐसे दौर में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए। इसके लिए उन्होंने बीपीएल, स्टेट बीपीएल के 1 करोड़ परिवारों के लिए 2 महीने का राशन (प्रति व्यक्ति 5 किलो) एडवांस में देने का आदेश दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इस बीमारी से लड़ने के लिए 2 हजार करोड़ का बजट प्रायोगिक तौर पर रखा है। उसमें से जो बीपीएल परिवार नहीं भी हैं, शहरी क्षेत्रों में रहते हैं, दिहाड़ी मजदूर हैं, स्ट्रीट वेंडर हैं, गरीब हैं उनके लिए जिला कलक्टर्स को कहा गया है कि उनको भी बीपीएल की तर्ज पर महीने का राशन एडवांस दें। 


बाहरी लोगों की सूचना तुरंत दे कंट्रोल रूम में
उन्होंने कहा कि तहसील, एसडीएम और जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। गांव के सरपंच, पटवारी, ग्राम सेवक, पूर्व सरपंच और मीडिया के साथियों से अनुरोध किया है कि जो भी कोई व्यक्ति किसी अन्य जिले या विदेश से जिले में आता है, उसकी सूचना बिना देरी के कंट्रोल रूम को दे। कंट्रोल रूम उस सूचना को चिकित्सा विभाग को प्रेषित करेगा और तत्काल हमारी टीम वहां पहुंच जाएगी और उनकी स्क्रिनिंग करेगी और कोई संदिग्ध पाया गया तो उन्हें क्वारेंटाइन या आइसोलेशन में रखा जाएगा।      


चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की करें हरसंभव मदद
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जो चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ और नर्सिंग कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना पीडि़तों को बचाने में लगे हुए हैं। उन्हें कोई कोरोना संक्रमण के डर के चलते मकान खाली करने को नहीं कहे। वे अपनी जान की परवाह किए बिना मानवता की सेवा कर रहे हैं। उनका जितना हो सके सहयोग करें। 


कोरोना की लड़ाई में धन की नहीं रहेगी कमी
उन्होंने कहा कि जयपुर जिले में आपातकाल के लिए  1 करोड़ रुपए की राशि कलक्टर को दी गई है। संभागीय मुख्यालय के जिला कलक्टर्स को 75 लाख रुपए और अन्य जिला कलक्टर्स को 50 लाख रुपए का फंड दिया गया है। यह पुनर्भरित होता रहेगा। आमजन की सुरक्षा के लिए कहीं भी धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।  


कोविड-19 सहायता कोष में दिल खोलकर दें दान 
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के लिए मुख्यमंत्री ने जो सहायता कोष बनाया है, उसमें भामाशाह, दानदाता, सरकारी कर्मचारी, अधिकारी दिल खोलकर दान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी आप सभी से प्रार्थना है कि आपात स्थिति के लिए यह फंड मुख्यमंत्री ने बनाया है। दिल खोलकर आप इसमें सहयोग करें ताकि आने वाली चुनौतियों के लिए बेहतर व्यवस्था हम कर सकें। 


पशु-पक्षियों के खाने-दाने के लिए भी सरकार है चिंतित
डॉ. रघु शर्मा ने राज्य सरकार ने पशुधन के लिए चारे और पक्षियों के लिए चुग्गे की भी व्यवस्था करने के निर्देश सभी जिला कलक्टर्स को दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार और राजस्थान सरकार किसी भी तरह की चुनौती का मुकाबला करते हुए आम आदमी यहां तक की पुश-पक्षियों की जिंदगी को बचाने के लिए चिंतित है और इस बारे में काम भी कर रही है।


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