सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद 21 दिनों के लॉकडाउन की शुरुआत, राशन की दुकानों पर दिखी भीड़


नयी दिल्ली, :: कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 21 दिनों के बंद (लॉकडाउन) की घोषणा किए जाने के बाद बुधवार को देश के कई हिस्सों में लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति देखी गई और राशन की दुकानों तथा स्टोरों पर लोगों की भीड़ नजर आई।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस के 562 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और नौ लोगों की मौत हुई है। पहले मरने वालों की संख्या 10 बताई गई थी, हालांकि दिल्ली में जिस दूसरे मरीज की मौत हुई थी उसकी जांच में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई।


महाराष्ट्र में बुधवार को एक और तमिलनाडु में भी एक व्यक्ति की मौत हुई। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने इन मौतों की वजह कोरोना वायरस को बताया है, हालांकि कोरोना से मरने वालों के अखिल भारतीय आंकड़े में अभी इन मौतों को शामिल नहीं किया गया है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन में देशवासियों से अपील की कि लोग घरों में रहें। उन्होंने कहा कि अगर देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई हार गया तो 21 साल पीछे चला जाएगा।


देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की मोदी की घोषणा के बाद देश के कई हिस्सों में जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा होने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि वे खाने-पीने की चीजों की कमी से संबंधित अफवाहों पर अंकुश लगाएं।


सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को भेजे पत्र में मंत्रालय ने कहा कि लोगों की चिंताओं को दूर किया जाए तथा शांति एवं सौहार्द बनाए रखा जाए और लोगों को खाने-पीने की वस्तुओं, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता के बारे में सूचित किया जाए।


विभिन्न राज्यों से मिली जानकारी के मुताबिक सड़कें वीरान रहीं, लेकिन लोग बाजारों में खरीददारी के लिए अफरा-तफरी की स्थिति में देखे गए। हालांकि केंद्र एवं राज्य सरकारों की ओर से लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने और अपने घरों में रहने की बार-बार अपील की जा रही है।


कोलकाता में भीड़ के जमा होने पर पूरी तरह पाबंदी लगने के बावजूद शहर के कुछ हिस्सों में लोग अगले कई दिनों के लिए जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए बाजारों की तरफ जाते दिखे। कई जगहों पर लोग अतिरिक्त एलपीजी सिलेंडर के लिए कतारों में भी नजर आए।


दिल्ली में मदर डेयरी की कई दुकानों और राशन की स्थानीय दुकानों के बाहर भी लोगों की कतारें देखी गईं। हालांकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि बंद के दौरान जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी और ऐसे में लोगों को अफरा-तफरी में आने की जरूरत नहीं है।


 


उपराज्यपाल अनिल बैजल की मौजूदगी में केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम बंद के दौरान जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सब्जी विक्रेताओं, राशन दुकानदारों के लिए ई-पास जारी करेंगे।’’ बैजल ने कहा, ‘‘हम दिल्ली में बंद का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।’’ केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि सरकार बाजार में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने बंद के दौरान उत्पादकों एवं व्यापारियों को मुनाफाखोरी को लेकर भी आगाह किया।


पासवान ने ट्वीट किया, ‘‘सरकार कोरोना के खतरे से उत्पन्न स्थिति में तमाम आवश्यक वस्तुओं की बाजार में उपलब्धता पर लगातार नजर बनाए हुए है और वह सभी राज्य सरकारों के संपर्क में है, ताकि कहीं भी किसी चीज की किल्लत न हो। सभी उत्पादकों और व्यापारियों से भी अपील है कि इस घड़ी में मुनाफाखोरी से बचें।’’


केंद्र सरकार ने मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी है ताकि बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता हो सके।’’


भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस के संदिग्ध या पुष्ट मामलों को देख रहे स्वास्थ्यकर्मियों और पुष्ट मरीजों के संपर्क में अति जोखिम वाले लोगों को हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन दी जानी चाहिए।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क