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लाॅकडाउन में परिवहन कार्यालयों के बन्द होने के कारण अभिलेखों के नवीनीकरण अथवा निर्गत करने की प्रक्रिया बाधित -धीरज साहू

लखनऊः उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त,  धीरज साहू ने बताया कि वाहनों के फिटनेस, परमिट (सभी प्रकार), ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीयन अथवा अन्य संबंधित अभिलेख, जिनकी वैधता 01 फरवरी, 2020 को समाप्त हो गयी है अथवा आगामी 30 जून तक समाप्त हो रही है, उन सभी अभिलेखों की वैधता 30 जून, 2020 तक मान्य होगी।
 साहू ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव हेतु भारत सरकार द्वारा गत् 24 मार्च को राश्ट्रव्यापी लाॅकडाउन घोशित किया गया तथा इस लाॅकडाउन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश भी निर्गत किये गये हैं। राश्ट्रव्यापी लाॅकडाउन में सभी परिवहन कार्यालय बन्द हैं, जबकि इस लाॅकडाउन में भी आवष्यक वस्तुओं की उपलब्धता हेतु परिवहन यानों से ढुलाई का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन होने के कारण कई वाहनों के फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीयन अथवा अन्य संबंधित अभिलेखों की वैधता नहीं बढ़ायी जा सकी है। 
परिवहन आयुक्त ने यह भी बताया कि लाॅकडाउन में परिवहन कार्यालयों के बन्द होने के कारण मोटरयान अधिनियम व नियमावली में निर्गत विभिन्न अभिलेखों यथा फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि के नवीनीकरण अथवा निर्गत करने की प्रक्रिया बाधित है। इस कारण आगे भी लाॅकडाउन अवधि में इन अभिलेखों की वैधता बढ़ाया जाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में इस प्रकार के सभी अभिलेखों की वैधता अवधि आगामी 30 जून निर्धारित की गयी है। 


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