सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कोरोना वायरस को मात देने के लिए लोगों ने किए शंखनाद परिवारों ने थाली तालियां बजा कर कोरोना से छेड़ी जंग।

रामपुर : प्रधानमंत्री  द्वारा पूरे देश में जनता कर्फ्यू के आवाहन के बाद पूरे देश ने जनता कर्फ्यू में अपना सहयोग दिया और लोग अपने घरों में ही रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने 22 मार्च रविवार को सभी देशवासियों से सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक जनता के लिए जनता के द्वारा लगाए गए कर्फ्यू का आवाहन किया था, जिसके समर्थन में सभी देशवासियों ने अपना सहयोग भी दिया वहीं शाम को 5:00 बजे देश के सभी हिस्सों में लोगों ने थाली घंटी शंख और अन्य चीजों को बजा कर कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए वाइब्रेशंस उत्पन्न किए इन वाइब्रेशंस को उत्पन्न करने के पीछे पुरानी मान्यता है की ऐसे वाइब्रेशन उत्पन्न करने से इस तरह के विषाणु को खत्म किया जा सकता है इसीलिए आज पूरे देश ने घंटी शंखनाद और थाली बजाकर तरंगे उत्पन्न की। रामपुर में भी लोगों ने अपनी छतों पर पहुंचकर कुछ ऐसी ही तरंगों को उत्पन्न किया और देशवासियों से जनता कर्फ्यू में सम्मिलित रहने का आह्वान किया।

रामपुर निवासी राजीव मांगलिक की माने तो मोदी जी ने एक अच्छा कदम उठाया है और इस वायरस की चेन को तोड़ने के लिए यह कदम उठाया है सभी देशवासियों ने इसका पालन किया है सभी ने अपने आप को अपने घरों में कैद रखा है वायरस की चेन को तोड़ने की मुहिम का कार्य किया है और इस कार्य में लगे सभी सरकारी अधिकारी वॉलिंटियर्स और कर्मचारी जो इस वायरस को खत्म करने की मुहिम में लगे हैं उनका उत्साहवर्धन करने के लिए लोगों ने थाली और शंख बजाकर उनका सम्मान किया है वहीं इस का साइंटिफिक रीजन भी है थाली और शंख कि जो गुंजन होती है कहीं ना कहीं यह विषाक्त चीजों को इस तरह के वायरस को खत्म करने में सक्षम होगी ऐसा मेरा मानना है वहीं उन्होंने कहा मोदी जी योगी जी का जो भी आदेश रहेगा उसका अनुपालन में हम सभी दृढ़ संकल्प हैं।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क