सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कोरोना वायरस : भारत का दक्षेस देशों के लिए ऑनलाइन मंच का प्रस्ताव

नयी दिल्ली,:: भारत ने कोरोना वायरस से मिलकर मुकाबला करने के प्रयासों के तहत सभी दक्षेस देशों के लिये एक साझा ‘‘ऑनलाइन मंच’’ का प्रस्ताव दिया है। इस मंच के जरिये दक्षेस देशों के बीच बीमारी से जुड़ी सूचनाओं, ज्ञान, विशेषज्ञता एवं एक दूसरे की अच्छी पहल का आदान-प्रदान किया जा सकेगा। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है ।


बृहस्पतिवार को दक्षेस देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं पेशेवरों ने कोरोना वायरस के मुद्दे पर वीडियो कांफ्रेंसिंग पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मार्च को दक्षेस देशों के नेताओं से संवाद के दौरान कहा था कि दक्षेस के सदस्य देशों के स्वास्थ्य पेशेवर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से संवाद कर सकते हैं।


विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘ भारत ने सभी दक्षेस देशों के लिये एक ऑनलाइन मंच साझा करने का प्रस्ताव दिया है ताकि कोविड-19 से जुड़ी सूचनाएं, ज्ञान, विशेषज्ञता एवं इससे मुकाबले के संबंध में अच्छी पहल का आदान-प्रदान किया जा सके ।’’ इसमें बताया गया कि इस मंच के निर्माण की दिशा में पहले ही काफी काम हो चुका है और यह इस संबंध में गतिविधियों एवं संवाद के बहुद्देश्यीय माध्यम के रूप में काम करेगा। इन गतिविधियों में आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों के ऑनलाइन प्रशिक्षण, ज्ञान साझा करना, बीमारी की निगरानी की विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करना और नये उपचार संबंधी संयुक्त शोध आदि शामिल हैं। मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारतीय पक्ष ने प्रस्ताव किया कि जब तक यह ऑनलाइन मंच पूरी तरह से काम नहीं करने लगता, तब तक सभी दक्षेस देशों के स्वास्थ्य सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेषज्ञों का नेटवर्क व्हाट्सएप/ईमेल सुविधा स्थापित कर सकता है ताकि वास्तविक आधार पर दक्षेस देशों के बीच जरूरी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सके।


बयान में कहा गया है कि सभी दक्षेस देशों के स्वास्थ्य प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक और रचनात्मक हिस्सेदारी की और क्षेत्र में कोरोना वायरस से उत्पन्न चुनौतियों को मिलकर हराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


संवाद के दौरान भारत की ओर से बीमारी की निगरानी, लोगों के बीच संपर्कों की पहचान, यात्रा प्रतिबंध, खतरे का मूल्यांकन, उपचार, पृथक रहने के उपायों, मरीजों से जुड़े प्रबंधन आयाम, स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सहित विभिन्न आयामों पर प्रस्तुति दी गई।


इसी तरह सभी दक्षेस देशों के प्रतिनिधियों ने कोविड-19 से मुकाबला करने के अपने अनुभवों को साझा किया। 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में