सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जनता कर्फ्यू लंबी लड़ाई की शुरुआत : मोदी

नयी दिल्ली, ::  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 के दौरान दिन रात काम करने वालों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एक लंबी लड़ाई में विजय की शुरुआत का भी नाद है। आइए, इसी संकल्प के साथ, इसी संयम के साथ एक लंबी लड़ाई के लिए अपने आप को बंधनों (सोशल डिस्टेंसिंग) में बांध लें।


मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘ ये धन्यवाद का नाद है, लेकिन साथ ही एक लंबी लड़ाई में विजय की शुरुआत का भी नाद है। आइए, इसी संकल्प के साथ, इसी संयम के साथ एक लंबी लड़ाई के लिए अपने आप को बंधनों (सोशल डिस्टेंसिंग) में बांध लें।’’


उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘आज का # जनता कर्फ्यू भले ही रात 9 बजे खत्म हो जाएगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सेलिब्रेशन शुरू कर दें। इसको सफलता न मानें। यह एक लम्बी लड़ाई की शुरुआत है। आज देशवासियों ने बता दिया कि हम सक्षम हैं, निर्णय कर लें तो बड़ी से बड़ी चुनौती को एक होकर हरा सकते हैं।’’


उन्होंने लोगों से अपील करते हुए अपने ट्वीट में कहा, ‘‘केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी किए जा रहे निर्देशों का जरूर पालन करें। जिन जिलों और राज्यों में लॉकडाउन की घोषणा हुई है, वहां घरों से बिल्कुल बाहर न निकलें। इसके अलावा बाकी हिस्सों में भी जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक घरों से बाहर न निकलें।’’


प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की लड़ाई का नेतृत्व करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को देश ने एक मन होकर धन्यवाद अर्पित किया। देशवासियों का बहुत-बहुत आभार।


इससे पहले प्रधानमंत्री ने लोगों को आज रविवार की शाम को 5 बजे पांच मिनट तक अपनी खिड़की, बालकनी से ताली, घंटी-थाली बजाने की याद दिलायी थी।


मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘ याद रखें कि शाम को 5 बजे पांच मिनट तक... अपनी खिड़की, बालकनी, छत पर आएं और कोविड-19 से देश को मुक्त बनाने के लिये दिन रात काम करने वालों के प्रति आभार प्रकट करें ।’’ प्रधानमंत्री ने रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ में भागीदारी के लिये प्रोत्साहित करने वालों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि जनता कर्फ्यू को लेकर हर कोई अपनी-अपनी तरह से योगदान देने में जुटा है, लोगों का समर्थन जोरदार है और लोगों की सतर्कता एवं सावधानी से लाखों लोगों को मदद मिल सकती है।


मोदी ने ट्विटर पर गीतकार प्रसून जोशी, गायिका मालिनी अवस्थी, लोक गायक प्रीतम भरतवाण, आर्थिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ मोहनदास पई एक्टर आमिर खान, दीपिका पादुकोण सहित कुछ लोगों को टैग किया और उनके योगदान की सराहना की।


प्रधानमंत्री ने कहा कि हममें से प्रत्येक कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में एक अत्‍यंत मूल्यवान सैनिक है और इस बारे में सतर्क एवं सजग रहने से लाखों अन्य लोगों की भी बहुमूल्‍य मदद की जा सकती है।


उन्होंने यह भी कहा कि सड़कें बेशक सूनी-सूनी नजर आ रही हैं, लेकिन ‘कोविड-19’ से लड़ने का संकल्प हमारे मन-मस्तिष्‍क में पूरी तरह से भरा हुआ है। . प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जनता कर्फ्यू’ में परिवार के साथ अच्छा समय बितायें, टेलीविजन और कुछ अच्छा भोजन लें। आप सभी कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मूल्यवान सैनिक हैं। आपके सतर्क और सावधान रहने से लाखों लोगों के जीवन को मदद मिल सकती है।’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को राष्ट्र के नाम संदेश में लोगों से घर-घर दूध,अखबार, राशन पहुंचाने वालों, पुलिसकर्मी, स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी और मीडियाकर्मियों के प्रति आभार जताने की अपील की थी। उन्‍होंने कहा था कि ऐसे लोगों का आभार जताने के लिए 22 मार्च की शाम 5 बजे घर की खिड़की, बालकनी या गेट पर आकर ताली, घंटा-थाली बजाने की अपील की थी।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रभारी महामंत्री अजय माकन के राजस्थान के फीडबैक कार्यक्रम मे पीसीसी सदस्य शरीफ की आवाज से कांग्रेस  हलके मे हड़कंप।

  जयपुर।             राजस्थान के नव मनोनीत प्रभारी कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री अजय माकन द्वारा प्रदेश के अलग अलग सम्भाग के फीडबैक कार्यक्रम के तहत 10-सितंबर को जयपुर सम्भाग के जिलेवार फीडबैक लेने के सिलसिले मे सीकर जिले के नेताओं व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिये जाते समय पीसीसी सदस्य मोहम्मद शरीफ द्वारा मुस्लिम समुदाय के सम्बन्धित सवाल खड़े करने के साथ माकन को दिये गये पार्टी हित मे उनके सुझावों के बाद वायरल उनके वीडियो से राजस्थान की कांग्रेस राजनीति मे हड़कंप मचा हुवा है।                    कांग्रेस कार्यकर्ता मोहम्मद शरीफ ने प्रभारी महामंत्री अजय माकन, अचानक बने प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा व प्रभारी सचिव एवं अन्य सीनियर नेताओं की मोजूदगी मे कहा कि मुस्लिम समुदाय चुनावो के समय बडी तादाद मे कांग्रेस के पक्ष मे मतदान करके कांग्रेस सरकार के गठन मे अहम किरदार अदा करता है। लेकिन सरकार बनने के बाद उन्हे सत्ता मे उचित हिस्सेदारी नही मिलती है। प्रदेश मे कांग्रेस के नो मुस्लिम विधायक होने के बावजूद केवल मात्र एक विधायक शाले मोहम्मद को मंत्री बनाकर उन्हें अल्पसंख्यक मंत्रालय तक सीमित करके र

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि