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दूसरे राज्यों से आए लोगों को सरकारी स्कूल में किया आइसोलेट

सीकर: कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर चिकित्सा विभाग की ओर से अन्य राज्यों से जिले की सीमा में दाखिल होने वाले लोगों को गांव, कस्बों में बने सरकारी विद्यालयों में आइसोलेट किया जा रहा है। यहां पर प्रशासन की ओर से इस लोगों के भोजन, पानी आदि की व्यवस्था की गई है। इन लोगों पर चिकित्सा विभाग की टीमें लगातार नजर रखे हुए हैं। वहीं जो लोग घर में आइसोलेशन में रखे हुए हैं उनकी लगातार स्वास्थ्य जांच के साथ साफ-सफाई रखने तथा बार-बार साबुन से हाथ धोने के लिए पाबंद किया जा रहा है। वहीं विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है।


     प्रशासन, पुलिस व चिकित्सा विभाग की ओर से संयुक्त रूप में कोरोना वायरस को हराने के लिए कार्य किए जा रहे है। स्कूलों में बाहर से आए लोगों को ठहराने  के साथ ही उनमें सोडियम हाइपो क्लोराइड का स्प्रे भी करवाया जा रहा है। वहीं उनको एक दूसरे के बीच दो मीटर की दूरी रखने के लिए पाबंद किया गया है। स्कूलों में ठहराए गए लोगों नजर रखने के लिए शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है, ताकि वे इधर, उधर नहीं चले जाए।


रीगस की स्कूल में 65 जनों की स्वास्थ्य जांच: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रींगस की टीम ने मंगलवार को  राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अन्य राज्यों से आए व्यक्तियाें की थर्मल गन (इन्फ्रारेड थर्मामीटर) से स्वास्थ्य की जांच की गई। अब तक रींगस में बाहर से आए करीब 65 लोगों की स्वास्थ की जांच की गई। इनमें प्राथमिक जांच में किसी में भी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए जाने पर उनको घर पर ही 28 दिन के लिए आइसोलेसन में रहने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का पूरा ध्यान रखने की हिदायत दी गई। 


गोकुलपुरा स्कूल में किया आइसोलेट; झुंझुनूं जिले के मुकुन्दगढ, नवलगढ सहित कई कस्बों में आए लोगों को गोकुलपुरा के राजकीय स्कूल में आइसोलेट किया गया है। मंगलवार को उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सीपी ओला, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निर्मल सिंह के नेतृत्व में यहां पर ठहराए गए लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। ये सभी लोग झुंझुनूं जिले में मजदूरी का काम करते थे और मध्यप्रदेश के रहने वाले है। यहां पर करीब 20 जनों को आइसोलेट किया गया है।


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