सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आईपीएल आयोजन को लेकर मेरे पास कोई जवाब नहीं:गांगुली

नयी दिल्ली ,:: बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायारस के संक्रमण से मुकाबला करने के लिए देशव्यापी लाकडाउन (बंद) को देखते हुए इस साल के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आयोजन पर उनके पास कोई ‘‘जवाब नहीं है’’।


गांगुली ने कहा, ‘‘मैं फिलहाल कुछ नहीं कह सकता। हम उसी स्थान पर हैं जहां हम इसे निलंबित करने वाले फैसला लेते समय थे। पिछले 10 दिनों में कुछ भी नहीं बदला है। ऐसे में मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। यथास्थिति बनी हुई है।’’
पूर्व भारतीय कप्तान ने दुनिया भर में मौजूदा स्थिति को देखते हुए अगले तीन चार महीने की योजना बनाने की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया।


उन्होंने कहा, ‘‘आप कुछ भी योजना नहीं बना सकते हैं। एफटीपी (भविष्य दौरा कार्यक्रम) निर्धारित है। आप उसे बदल नहीं सकते। दुनिया भर में क्रिकेट और बहुत सारे खेल बंद हो गए हैं।’’


उन्होंने इस बात पर भी संदेह व्यक्त किया कि सभी हितधारकों को होने वाले नुकसान के लिए मौजूदा स्थिति को बीमा द्वारा पूरा किया जा सकता है।



इस पूर्व करिश्माई बल्लेबाज ने कहा, ‘‘ मैं पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हूं कि हम बीमा राशि प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि यह एक सरकारी बंद है। मुझे पता नहीं है कि सरकारी लॉकडाउन बीमा के तहत आता है या नहीं।



गांगुली ने कहा, ‘‘हमें इंतजार करना होगा। हमने इन सभी चीजों का आकलन नहीं किया है। इस समय, मेरे लिए कोई ठोस जवाब देना बहुत मुश्किल है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें अभी इंतजार करना होगा। हमने इन सभी चीजों का आकलन नहीं किया है। इस समय, मेरे लिए कोई ठोस जवाब देना बहुत मुश्किल है।’’


दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए कोई दान नहीं दिया है। गांगुली ने कहा वह इस मामले पर बोर्ड के सचिव जय शाह के साथ चर्चा कर बेहतर विकल्प का पता लगाने की कोशिश करेंगे।


उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने जय के साथ चर्चा नहीं की है। हम स्थिति का आकलन करेंगे, निर्देशों का पालन करेंगे और देखेंगे कि क्या होता है’’


कैब के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार चाहे तो ईडन गार्डन्स की इंडोर सुविधा और खिलाड़ियों का आवास का इस्तेमाल चिकित्सा सुविधा देने के लिये किया जा सकता है, जैसा कि पांडिचेरी क्रिकेट संघ ने की पेशकश की है।


उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार हमसे पूछती है, तो हम निश्चित रूप से स्टेडियम की यह सुविधाएं उन्हें सौंप देंगे। हम समय की जरूरत के मुताबिक काम करेंगे। इसमें कोई समस्या नहीं है।’’
गांगुली ने पूर्ण बंद का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इस कदम से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह

पत्रकारिता क्षेत्र मे सीकर के युवा पत्रकारों का दैनिक भास्कर मे बढता दबदबा। - दैनिक भास्कर के राजस्थान प्रमुख सहित अनेक स्थानीय सम्पादक सीकर से तालूक रखते है।

                                         सीकर। ।अशफाक कायमखानी।  भारत मे स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता जगत मे लक्ष्मनगढ निवासी द्वारा अच्छा नाम कमाने वाले हाल दिल्ली निवासी अनिल चमड़िया सहित कुछ ऐसे पत्रकार क्षेत्र से रहे व है। जिनकी पत्रकारिता को सलाम किया जा सकता है। लेकिन पिछले कुछ दिनो मे सीकर के तीन युवा पत्रकारों ने भास्कर समुह मे काम करते हुये जो अपने क्षेत्र मे ऊंचाई पाई है।उस ऊंचाई ने सीकर का नाम ऊंचा कर दिया है।         इंदौर से प्रकाशित  दैनिक भास्कर के प्रमुख संस्करण के सम्पादक रहने के अलावा जयपुर सीटी भास्कर व शिमला मे भास्कर के सम्पादक रहे सीकर शहर निवासी मुकेश माथुर आजकल दैनिक भास्कर के जयपुर मे राजस्थान प्रमुख है।                 दैनिक भास्कर के सीकर दफ्तर मे पत्रकारिता करते हुये उनकी स्वच्छ व निष्पक्ष पत्रकारिता का लोहा मानते हुये जिले के सुरेंद्र चोधरी को भास्कर प्रबंधक ने उन्हें भीलवाड़ा संस्करण का सम्पादक बनाया था। जिन्होंने भीलवाड़ा जाकर पत्रकारिता को काफी बुलंदी पर पहुंचाया है।                 फतेहपुर तहसील के गावं से निकल कर सीकर शहर मे रहकर सुरेंद्र चोधरी के पत्रका