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आईएलएफएस ने पांच सड़क परियोजनाओं के लिये बोली वैधता बढ़ाये जाने का किया आग्रह

नयी दिल्ली,  ::  संकट में फंसी आईएल एंड एफएस ने पांच सड़क परियोजनाओं के लिये बोली वैधता की समयसीमा बढ़ाने का आग्रह किया है। इन परियोजनाओं पर कुल 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।


इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आईएल एंड एफएस) को पांच सड़क परियोजनाओं के लिये समयबद्ध बाध्यकारी बोलियां मिली थी। लेकिन उन बोलियों की वैधता 29 फरवरी को समाप्त हो गयी।


ये पांच परियोजनाएं हैं...चेन्नई-नासरी सुरंग परियोजना (सीएनटीएल), पुणे शोलापुर सड़क विकास (पीएसआरडीसीएल), जोराबाट-शिलांग एक्सप्रेसवे लि. (जेएसईएल), हजारीबाग रांची एक्सप्रेसवे (एचआरईएल) और झारखंड इंफ्रास्ट्रक्चर इम्पीमेन्टेशन कंपनी (जेआईआईसीएल)।


कंपनी द्वारा राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष हलफनामे के अनुसार पांच परियोजनाओं के लिये कुल 7,498 करोड़ रुपये की बोलियां मिली जबकि इस पर कुल 10,500 करोड़ रुपये का कर्ज था।


इस बारे में संपर्क किये जाने पर आईएल एंड एफएस के प्रवक्ता ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘हम बोलियों की समयसीमा बढ़ाने को लेकर बोलीदाताओं के साथ काम कर रहे हैं। हम समय सीमा बढ़ाने की मंजूरी के बाद सौदे को पूरा करने के लिये निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करेंगे।’’ पांच परियोजनाओं में से कंपनी को हाल ही में तीन परियोजनाओं... पीएसआरडीसीएल, जेएसईएल और सीएनटीएल... के लिये कर्जदाताओं से मंजूरी मिली है। इसके लिये कुल 6,250 करोड़ रुपये की बोलियां आयी हैं।


हालांकि, समयसीमा समाप्त होने के कारण कर्जदाताओं की मंजूरी के बाद भी इन संपत्तियों की बिक्री को लेकर चुनौतियां आ सकती हैं।


सरकार ने आईएल एंड एफएस पर 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज का मामला सामने आने के बाद अक्टूबर 2018 में ऋण में डूबी कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया तथा निदेशक मंडल को हटाते हुए कोटक महिंद्रा बैंक कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक उदय कोटक की अगुवाई में नया निदेशक मंडल नियुक्त किया।


नये निदेशक मंडल ने कर्ज के निपटान को लेकर कई संपत्तियों की बिक्री की। कर्ज में डूबी अन्य परियोजनाओं के समाधान को लेकर प्रक्रिया जारी है।


कुल पांच पांच सड़क परियोजनाओं में से क्यूब हाईवे 3,900 करोड़ रुपये की बोली के साथ सीएनटीएल के लिये सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में उभरी। परियोजना परद 5,454 करोड़ रुपये का कर्ज है। वहीं इटली की आटोस्टेड पीएसआरडीसीएल परियोजना के लिये सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में उभरी। उसने 1,404 करोड़ रुपये की बोली लगायी जबकि परियोजना पर 1,925 करोड़ रुपये का कर्ज है।


सेकुरा रोड्स ने जेएसईएल परियोजना के लिये सर्वाधिक 916 करोड़ रुपये की बोली लगायी जबकि उस पर कुल कर्ज 1,406 करोड़ रुपये का कर्ज है।


कंपनी के अपीलीय न्यायाधिकरण में जमा हलफनामे के अनुसार आईएल एंड एफएस की अनुषंगी आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लि. की सड़क से जुड़ी इन विशेष उद्देश्यीय इकाइयों के लिये बाध्यकारी बोलियां मिली थी। इन बोलियों की अवधि एक बार पहले ही बढ़ायी जा चुकी है।


पूर्व के विस्तार के बाद इन विशेष उद्देश्यीय इकाइयों के लिये बाध्यकारी बोलियां की मियाद 29 फरवरी 2020 तक हो गयी। इसके तहत आशय पत्र संबंधित उच्च बोलीदाताओं को 29 फरवरी 2020 या उससे पहले जारी किये जाने की जरूरत थी।


हालांकि कंपनी समय पर कर्जदाताओं की मंजूरी हासिल करने की प्रक्रिया पूरी करने में नाकाम रही। इसके कारण बोली वैधता की अवधि समाप्त हो गयी।


अब तीन परियोजनाओं के लिये कर्जदाताओं की मंजूरी है। लेकिन दो परियोजनाओं... एचआरईएल और जेआईआईसीएल के लिये अबतक कर्जदाताओं से मंजूरी नहीं मिली है। उसके बाद न्यायाधीश डी के जैन और एनसीएलटी से मंजूरी की जरूरत होगी। उसके बाद ही आशय पत्र जारी किया जा सकता है।


सेकुरा रोड्स ने दोनों परियोजनाओं के लिये बोलियां लगायी हैं। इसमें से जेआईआईसीएल के लिये सर्वाधिक 727 करोड़ रुपये और एचआरईएल के लिये 512 करोड़ रुपये की बोलियां लगायी गयी हैं।


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