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उत्तर प्रदेश बजट:अयोध्या में हवाईअड्डे के लिये 500 करोड़ रुपये, मेट्रो परियोजनाओं के लिये खुला खजाना

लखनऊ, ::  उत्तर प्रदेश सरकार के मंगलवार को पेश बजट में अयोध्या में हवाईअड्डा बनाने के लिये 500 करोड़ रुपये रखे गये हैं वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर के सौदर्यीकरण के वास्ते 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में सड़क और मेट्रो रेल परियोजनाओं पर बड़े आवंटनों की घोषणा की गई है।


वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने राज्य विधान सभा में 2020- 21 का बजट पेश किया। इसमें ग्रेटर नोएडा से लगी जेवर हवाईअड्डा परियोजना के लिये 2,000 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान है।


कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के लिये 358 करोड़ रुपये और आगरा में मेट्रो रेल के लिये 286 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। इसके अलावा गोरखपुर और अन्य शहरों की मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिये भी कुल 200 करोड़ रुपये के प्रावधान किए गए हैं।


सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों के लिये एक साल में चार लाख मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं को बेहतर जीवन यापन सुविधा के लिये कई योजनाओं को भी बजट में स्थान दिया गया है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पेश होने के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में बजट को एतिहासिक, वृद्धि केन्द्रित और जन हितैषी बताया।


विपक्षी दलों ने राज्य सरकार के बजट को ‘‘दिशाहीन’’ और ‘‘तमाशा’’ करार दिया।


योगी सरकार का यह बजट कुल 5.12 लाख करोड़ रुपये का है। पिछले साल के बजट से यह 33,159 करोड़ रुपये अधिक है। बजट में नई योजनाओं के लिये 10,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


बजट में जिन प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है उनमें धार्मिक नगर अयोध्या में हवाईअड्डा बनाने के लिये 500 करोड़ रुपये आवंटित किये गय हैं। उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद अयोध्या में एक विशेष न्यास के जरिए अगले कुछ महीनों में राम मंदिर का निर्माण शुरू होने वाला है। इसके साथ ही राज्य सरकार इस धार्मिक नगरी को बेहतर पर्यटक स्थल बनाने पर 85 करोड़ रुपये भी खर्च करेगी।


बजट के मुताबिक तुलसी स्मारक भवन के मरम्मत कार्य के लिये दस करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह भवन रामचरित मानस के रचियता तुलीसदास को समर्पित है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण और विस्तार कार्य के लिये बजट में 200 करोड़ रुपये रखे गये हैं। इसके साथ ही इस धार्मिक नगरी में संस्कृति केन्द्र स्थापित करने के लिये 180 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है।


योगी सरकार ने बजट में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये दो नई योजनाओं की घोषणा की है। एक --मुख्यमंत्री प्रशिक्षुता संवर्धन योजना है और दूसरी -- युवा उद्यमिता विकास अभियान- इनमें शामिल है।


बजट में राज्य के कई शहरों में मेट्रो नेटवर्क, हवाईअड्डे और एक्सप्रेसवे बनाने पर जोर दिया गया है। मेट्रो परियोजनाओं के लिये आवंटन के साथ ही बजट में 637 किलोमीटर लंबी ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ परियोजना के लिये 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से इलाहाबाद तक होगा। सरकार का दावा है कि यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा।


दिल्ली के निकट जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनाने के लिये बजट में 2,000 करोड़ रुपये रखे गये हैं। यह इस हवाईअड्डे के पहले चरण पर आने वाली लागत का करीब आधा है। हवाईअड्डा 2023 तक परिचालन में आने की उम्मीद है।


खन्ना ने बताया कि 5.12 लाख करोड़ रुपये के इस बजट में 5 लाख करोड़ रुपये की कुल प्राप्तियां होने का अनुमान है। प्राप्तियों में 4.22 लाख करोड़ रुपये राजस्व प्राप्तियां होंगी और शेष 77,990 करोड़ रुपये पूंजी प्राप्तियां होंगी। बजट में 12,302 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान है।


विपक्षी दलों ने सरकार की इस पूरी कवायद की आलोचना की है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चाहे युवा हो, किसान हो या फिर महिलायें -- सरकार सभी वर्गों को धोखे में रख रही है। भाजपा कह रही है कि वह उत्तर प्रदेश को एक हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहती है लेकिन यह नहीं बता रही है कि इसके लिये निवेश कहां से आयेगा।’’


बहुजन समाज पार्टी के प्रमुख मायावती ने बजट को सरासर ‘‘तमाशा’’ करार दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘बजट में जो भी वादे और दावे किये गये हैं वह सब खोखले लगते हैं और केवल कागजों पर ही यह रखे गये हैं।’’


उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लालू ने कहा कि यह बजट दिशाहीन बजट और इसमें केवल आंकड़ों की बाजीगरी की गई है। बजट में युवा, किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिये कुछ नहीं है।


 


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