रिजर्व बैंक को 2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर छह प्रतिशत रहने का अनुमान

मुंबई, ::  रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर छह प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया। रिजर्व बैंक ने आर्थिक समीक्षा में दिये गये आर्थिक वृद्धि के अनुमान के निचले स्तर पर अगले वित्त वर्ष की वृद्धि का अनुमान लगाया है।


संसद में 31 जनवरी को पेश आर्थिक समीक्षा में 2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर छह से 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।


रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में यहां हुई तीन दिवसीय बैठक के बाद मौद्रिक नीति समिति ने पाया कि अर्थव्यवस्था में नरमी अभी भी बरकरार है और आर्थिक वृद्धि की गति क्षमता से कमजोर बनी हुई है।


रिजर्व बैंक ने दिसंबर में पेश मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में 2019-20 के लिये आर्थिक वृद्धि दर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया था।


रिजर्व बैंक ने कहा कि 2020-21 में आर्थिक वृद्धि परिदृश्य को निजी उपभोग का स्तर तथा बाह्य कारकों समेत विभिन्न कारक प्रभावित करेंगे।


उसने कहा कि निजी उपभोग में, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रबी फसल की बेहतर संभावनाओं के मद्देनजर सुधार होने की उम्मीद है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में हालिया तेजी ने व्यापार संतुलन कृषि के पक्ष में किया है, इससे ग्रामीण आय को समर्थन मिलने की उम्मीद है।


उसने कहा कि वैश्विक व्यापार की अनिश्चितताओं में नरमी आने से निर्यात को प्रोत्साहन मिलने तथा निवेश गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है।


रिजर्व बैंक ने कहा, ‘‘हालांकि कोरोना वायरस के फैले संक्रमण से पर्यटकों की आवक तथा वैश्विक व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।’’


रिजर्व बैंक ने कहा कि ग्रामीण व बुनियादी संरचना खर्च बढ़ाने के उपायों के साथ ही आम बजट में व्यक्तिगत आयकर को तार्किक बनाये जाने से घरेलू मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है।


रिजर्व बैंक ने विभिन्न कारकों का संज्ञान लेते हुए आर्थिक वृद्धि दर के 2020-21 में छह प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया। उसने कहा कि आर्थिक वृद्धि दर 2020-21 की पहली छमाही में 5.5 से छह प्रतिशत तथा तीसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत रह सकती है।


टिप्पणियाँ
Popular posts
एसीबी सीकर चौकी ने लगातार दुसरे दिन कार्यवाही करके रिश्वत लेते दो भ्रष्टाचारी को अलग अलग मामलों मे रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
चित्र
राजस्थान कांग्रेस मे हालात विस्फोटक स्थिति मे पहुंचते नजर आ रहे है।। - गहलोत-पायलट खेमे के मध्य जारी टकराव व एक दुसरे पर दवाब बनाने के चक्कर मे सरकार गिर भी सकती है
चित्र
कोरोना अवेयरनेस कैंप के साथ शिफा होमियोपैथी क्लिनिक की इब्तिदा
चित्र
राजस्थान मे मंत्रीमंडल विस्तार व राजनीतिक नियुक्तियों की सुगबुगाहट के मध्य दिग्गज किसान नेता पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी नारायण सिंह भी कुदे। जारी राजनीतिक घमासान के बीच चोधरी ने कहा कांग्रेस को सत्ता में लाने वाले कार्यकर्ताओं को सरकार में मिले जगह।
चित्र
राजस्थान मे तीसरा मजबूत विकल्प अगले आम चुनाव से पहले उभर सकता है। - मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा सेवानिवृत्त ब्यूरोक्रेट्स को लाभ के पदो पर लगातार नियुक्ति देने का सीलसीला बनाये रखने से इंतजार मे बैठे जनप्रतिनिधियों का सब्र जवाब देने लगा।
चित्र