राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय के लखनऊ केन्द्र के नव निर्मित भवन का लोकार्पण किया


उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज यहाँ उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ के नव निर्मित भवन का लोकार्पण किया।
राज्यपाल ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि भारत रत्न राजर्षि पुरूषोत्तम दास टण्डन के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा से वंचित गरीब एवं कमजोर वर्ग के बच्चों एवं अन्य लोगों को उच्च शिक्षा प्रदान करने मंे महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र लखनऊ का अपना भवन बन जाने से इसके कार्यक्रमों एवं नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय कार्यालय में ‘संविधान की प्रस्तावना’ की होर्डिंग लगाया जाना यह दर्शाता है कि यहाँ के लोग राष्ट्र के सम्मान के प्रति कितना लगाव रखते हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ संविधान में उल्लिखित अधिकारों एवं कर्तव्यों से संबंधित होर्डिंग भी लगायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राज्य विश्वविद्यालयों में संविधान की प्रस्तावना, अधिकार एवं कर्तव्यों का उल्लेख करते हुए होर्डिंग लगायी जायेगी जिससे विद्यार्थी अध्ययन के समय से ही अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की भी जानकारी प्राप्त कर सकंे।
श्रीमती पटेल ने 12वीं की शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा में कम नामांकन प्रतिशत पर चिंता जाहिर की। उन्होंने राज्य विश्वविद्यालयों में छात्रों का नामांकन प्रतिशत बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में नामांकन का प्रतिशत अभी 25.9 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत 26.3 से कम है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 2035 तक उच्च शिक्षा का नामांकन 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सभी विश्वविद्यालयों को नामांकन प्रतिशत बढ़ाने के लिये अभी से इस प्रयास में जुड़ना होगा। उन्होंने शिक्षकों से भी अपील की कि वे नामांकन प्रतिशत बढ़ाने में अधिक से अधिक अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं जहाँ प्रवेश के लिये किसी तरह की सीमा एवं आयु का बंधन नहीं है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक 1200 से अधिक अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं सामाजिक आवश्यकता के अनुरूप 116 शैक्षिक कार्यक्रमों को संचालित कर रहा है, जिसमें सामान्य, कौशल विकास, रोजगारपरक तथा जागरूकता संबंधी विविध कार्यक्रम सम्मिलित हैं, जो विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय व वैश्विक दृष्टि को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के शहीदों के आश्रितों तथा थर्ड जेंडर समुदाय को निःशुल्क शिक्षा देने की विश्वविद्यालय ने जो पहल की है, वह सराहनीय है।
राज्यपाल ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिये हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने के अलावा जल का दुरूपयोग रोकने एवं स्वच्छ वातावरण के लिये अपने पास-पड़ोस को साफ सुथरा रखें जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 कामेश्वर नाथ सिंह, विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, शिक्षक, छात्र-छात्राओं के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।


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