सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिका-भारत के बीच रक्षा संबंध परंपरागत क्रेता-विक्रेता से बदलकर सहयोगपूर्ण रिश्ते बन रहे हैं जो देश के लिए सबसे बड़े हो सकते हैं

रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को परंपरागत क्रेता-विक्रेता से बदलकर सहयोगपूर्ण दिशा में आगे ले जाने के लिए भारत में उपलब्ध रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में लगातार बढ़ते अवसरों के साथ अमेरिकी रक्षा क्षेत्र की निर्यात क्षमता को समकालिक बनाने की मांग की।


लखनऊ में चल रहे डेफएक्सपो 2020 के दौरान आयोजित सेमिनार में श्री राजनाथ सिंह ने यह बात कही। इसका आयोजन अमेरिका-भारत बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीआईसी) ने किया।


अमेरिका की अपनी हाल की यात्रा के दौरान 2+2 संवाद में हस्ताक्षरित अनेक महत्वपूर्ण समझौतों का जिक्र करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "भारत-अमेरिका संबंध परंपरागत 'क्रेता-विक्रेतासे सहयोगपूर्ण दृष्टिकोण की दिशा में आगे बढ़ेंगे। मुझे विश्वास है कि यह रिश्ता भविष्य में अधिक गतिशील और जीवंत होगा।


उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत और दुनिया के लिए सबसे बड़े रक्षा निर्यातकों में से एक है साथ ही भारत में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति मेंहमारा सहयोग इस सदी का सबसे बड़ा सहयोग साबित हो सकता है।


उद्योग को यह आश्वासन देते हुए कि जो सुधार कर लिए गए हैं वह जारी रहेंगे, उन्होंने व्यापारिक समुदाय से आग्रह किया कि वे उनका अधिकतम लाभ उठाएं और भारत में निवेश करें।


उन्होंने यूएसआईबीसी द्वारा दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को बेहतर बनाने में निभाई गई भूमिका की सराहना की।


बाद मेंरक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य के पैवेलियन का दौरा किया। डेफएक्सपो के आयोजन में राज्य सरकार द्वारा इतने बड़े पैमाने पर दिए गए समर्थन की सराहना करते हुएउन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश में रक्षा गलियारे की स्थापना से राज्य में निवेश के अवसर बढ़ेंगे।


उन्होंने कहा किप्रधानमंत्री का भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य के लिए एक केन्द्रित दृष्टिकोण आवश्यक है और देश का सबसे बड़ा राज्य होने के नाते आर्थिक योगदान के मामले में उत्तर प्रदेश की एक बड़ी भूमिका है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

लखनऊ - लुलु मॉल में नमाज पढ़ने वाले लोगों की हुई पहचान। चार लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

       लखनऊ - लुलु मॉल में नमाज पढ़ने वाले लोगों की हुई पहचान। चार लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार। 9 में से 4 लोग को पुलिस ने किया गिरफ्तार। सीसीटीवी और सर्विलांस के जरिए उन तक पहुंची पुलिस। नमाज अदा करने वालों में मोहम्मद रेहान पुत्र मोहम्मद रिजवान निवासी खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर , लखनऊ। दूसरा आतिफ खान पुत्र मोहम्मद मतीन खान थाना मोहम्मदी जिला लखीमपुर मौजूदा पता खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर लखनऊ। तीसरा मोहम्मद लुकमान पुत्र मनसूर अली मूल पता लहरपुर सीतापुर हाल पता अबरार नगर खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर लखनऊ। मोहम्मद नोमान निवासी लहरपुर सीतापुर हाल पता अबरार नगर खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर लखनऊ। पकड़े गए चार लड़कों में सीतापुर के रहने वाले दोनों सगे भाई निकले। लखनऊ में एक ही मोहल्ले में रहने वाले चारों लड़कों ने  पढ़ी थी लुलु मॉल में एक साथ जाकर नमाज।    अबरार नगर, खुर्रम नगर थाना इंदिरा नगर के रहने वाले हैं चारों लड़के। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने लूलू मॉल में बिना अनुमति नमाज पढ़ने वालों को किया गिरफ्तार।।  

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह