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प्रख्यात उड़िया कवि रवि सिंह का निधन

भुवनेश्वर,:: प्रतिष्ठित उड़िया कवि रवि सिंह का लंबी बीमारी के कारण रविवार को निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे।


उनके परिवार के सूत्रों ने बताया कि उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे सिंह ने रविवार की सुबह कटक के खापुरिया में अपने आवास पर अंतिम सांस ली।


देशभक्ति से ओतप्रोत लेखन के लिए ‘‘विप्लवी कवि’’ के नाम से पहचाने जाने वाले सिंह ने समाज में मूल्यों के पतन के खिलाफ अपनी कविताओं के माध्यम से आवाज उठाई।


उनकी लेखनी में समाजवाद तथा समाज में समानतावाद का महत्व उजागर होता है।


मुख्यमंत्री कार्यालय में एक अधिकारी ने बताया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सिंह के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें ‘‘बहुत प्रतिभाशाली कवि, उर्वर लेखक तथा सच्चा देशभक्त’’ बताया।


मुख्यमंत्री ने राजकीय सम्मान के साथ सिंह का अंतिम संस्कार करने का एलान किया है।


पटनायक ने एक संदेश में कहा, ‘‘उनके निधन ने आधुनिक उड़िया साहित्य में बड़ा शून्य पैदा कर दिया है। समाजवाद, मानवाधिकारों और वर्गों के बीच समानता के मूल्यों को सहेजने में उनकी कविताएं उल्लेखनीय हैं।’’


राज्य के सूचना एवं जन संपर्क मंत्री रघुनंदन दास ने भी सिंह के निधन पर गहरा शोक जताया।


कई सम्मानों से नवाजे गए सिंह को 1961 में ओडिशा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


प्रख्यात कवि को उड़िया साहित्य में योगदान के लिए ‘‘जगन्नाथ दास सम्मान 2017’’ से भी सम्मानित किया गया था।


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