सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

प्रधानमंत्री महातिर के इस्तीफे से मलेशिया में राजनीतिक संकट

कुआलालंपुर, :: मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने सभी को चौंकाते हुए सोमवार को इस्तीफा दे दिया।


प्रधानमंत्री बनने जा रहे अनवर इब्राहिम को पद भार संभालने से रोकने की कोशिशों के तहत उनके राजनीतिक सहयोगियों के नया गठबंधन बनाने के प्रयास के बाद महातिर ने यह फैसला किया।


इस चौंकाने वाले कदम से पहले “पैक्ट ऑफ होप’’ गठबंधन में कई माह से तनाव बढ़ता हुआ दिख रहा था। इस गठबंधन को छह दशकों तक मलेशिया पर शासन करने वाली भ्रष्टाचार से ग्रस्त सरकार के खिलाफ 2018 में चुनाव में ऐतिहासिक जीत मिली थी।


लेकिन विश्व के सबसे उम्रदराज, 94 वर्ष के महातिर से पद पर बने रहने की अपील की जा रही थी जिनका कहना है कि उन्होंने नयी सरकार के गठन का समर्थन नहीं किया है और इस साजिश से तंग आकर इस्तीफा दिया।


यह राजनीतिक ड्रामा रविवार को शुरू हुए था जब सत्तारूढ़ गठबंधन से अनवर के प्रतिद्वंद्वियों ने कुआलालंपुर में कई बैठकें की जिससे अटकलों को बल मिला की एक नया गठबंधन बनने जा रहा है।


खबर थी कि गठबंधन महातिर के संभावित उत्तराधिकारी अनवर को बाहर करने की योजना बना रहा था और उनकी पार्टी के ज्यादातर सांसद किसी भी वक्त उनके प्रधानमंत्री बनने की राह में रोड़े अटकाते।


सोमवार सुबह तक सत्तारूढ़ गठबंधन की किस्मत को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच महातिर के कार्यलाय ने चौंकाने वाली घोषणा की कि उन्होंने “मलेशिया के प्रधानमंत्री के तौर पर दोपहर एक बजे (अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह पांच बजे) इस्तीफा सौंप दिया।” इसका कोई कारण नहीं बताया गया।


महातिर के साथ पूर्व में अनवर के संबंध अच्छे नहीं थे लेकिन उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि नयी सरकार के गठन के प्रयासों में उनकी “कोई भूमिका नहीं है” और “बहुत स्पष्ट हैं कि किसी भी तरीके से वह पूर्व के शासन से जुड़े लोगों के साथ कभी काम नहीं करेंगे।”


खबरों की मानें तो प्रस्तावित नये गठबंधन में यूनाइटेड मलय नेशनल ऑर्गनाइजेशन (यूएमएनओ) - भ्रष्ट पूर्व नेता नजीब रजाक की पार्टी भी शामिल होगी।


अनवर और महातिर ने अपने मतभेदों को नजरअंदाज कर 2018 के चुनावों से पहले मित्रता की और भ्रष्टाचार से ग्रस्त सरकार का सामना करने की ठानी।


महातिर पूर्व में 1981 से 2003 तक प्रधानमंत्री रहें हैं और उन्होंने चुनाव पूर्व अनवर को सत्ता सौंपने की प्रतिज्ञा ली थी लेकिन उन्होंने तारीख तय करने से बार-बार इनकार किया है।


महातिर के इस्तीफे से कुछ देर पहले महातिर की पार्टी बरसातू ने भी घोषणा की कि वे “पैक्ट ऑफ होप” गठबंधन से अलग हो रही है और 11 सांसदों ने अनवर की पार्टी से इस्तीफा दे दिया जिससे उन प्रयासों को बल मिल रहा है कि नये गठबंधन के प्रयास जारी हैं।


महातिर ने बरसातू के अध्यक्ष के तौर पर भी इस्तीफा दे दिया।


शुरुआत में ऐसी अटकलें थी कि नयी सरकार बनाने के प्रयास के पीछे महातिर थे लेकिन अनवर एवं अन्य सहयोगियों ने तुरंत इससे इनकार कर दिया।


वित्त मंत्री लिम गुआन एंग ने कहा कि महातिर ने सरकार गिराने के ‘‘कुटिल प्रयास” के विरोध में इस्तीफा दिया।


उन्होंने कहा, “महातिर ने साफ कहा है कि वह यूएमएनओ के साथ काम नहीं करेंगे क्योंकि 2018 में यूएमएनओ को हराने के लिए उन्होंने जीतोड़ मेहनत की थी। ’’ साथ ही कहा कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री के लिए महातिर का ही नाम देगी।


स्वतंत्र चुनाव संस्था मर्डेका सेंटर के प्रमुख इब्राहिम सूफियान ने कहा कि महातिर प्रधानमंत्री के तौर पर वापस आ सकते हैं और यह संकट उनके पक्ष में जा सकता है।


उन्होंने कहा, “यह उन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन को नया आकार देने का अवसर देगा।”


आगे क्या होगा इस बारे में फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है हालांकि विश्लेषकों ने समय पूर्व चुनाव कराए जाने की संभावना जताई है।


पैक्ट ऑफ होप हमेशा से असहज गठबंधन रहा है और उसकी लोकप्रियता लगातार घट रही थी क्योंकि आलोचकों ने उन पर देश के मलय मुस्लिमों को नजरअंदाज करने और सुधारों पर ध्यान नहीं देने के आरोप लगाए हैं।


मलेशिया में मलय अधिकारों के संरक्षण का मुद्दा हमेशा से बहुत संवेदनशील रहा है जिनकी आबादी 60 प्रतिशत है लेकिन यहां कुछ चीनी एवं भारतीय अल्पसंख्यक भी रहते हैं।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह