सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जर्मनी में संदिग्ध दक्षिणपंथी हमले में नौ लोगों की मौत

हनाऊ :: फ्रैंकफर्ट के उपनगरीय इलाके में 43 वर्षीय एक जर्मन नागरिक ने कुछ स्थानों पर गोलीबारी कर नौ लोगों की हत्या कर दी। अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि यह हमला धुर दक्षिणपंथी विचारों से प्रेरित नजर आता है।


बंदूकधारी ने मध्य हनाऊ के एक हुक्का बार में बुधवार रात करीब 10 बजे हमला कर कई लोगों की हत्या कर दी उसके बाद वह वहां से करीब ढाई किलोमीटर पश्चिम की तरफ गया और वहां फिर से गोलीबारी कर कुछ और लोगों की जान ले ली।


हेस्से प्रांत के गृह मंत्री पीटर ब्यूथ ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों और संदिग्ध जिस गाड़ी से फरार हुआ था उसके सर्विलांस वीडियो की मदद से पुलिस दूसरे वारदात स्थल के पास ही हमलावर के घर तक जल्द ही पहुंच गई जहां वह अपनी 72 वर्षीय मां के साथ मृत पाया गया। ब्यूथ ने कहा कि एक वेबसाइट की जांच की जा रही है जिसके बारे में संदेह है कि वह हमलावर की है।


उन्होंने कहा, ‘‘संदिग्ध के वेबपेज के शुरुआती विश्लेषण से ऐसे संकेत मिले हैं कि वह अनजान भय से प्रेरित था।’’ उन्होंने कहा कि संघीय अभियोजकों ने जांच का जिम्मा संभाल लिया है और इस मामले को घरेलू आतंकवाद की तरह देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे स्वतंत्र और शांतिपूर्ण समाज पर हमला है।’’


माना जा रहा है कि कुछ पीड़ित तुर्की के थे और तुर्की के विदेश मंत्री मेवलट केवुसोंगलू ने कहा कि फ्रैंकफर्ट में वाणिज्य दूतावास और बर्लिन स्थित दूतावास हमले के बारे में सूचना जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी टेलीविजन टीआरटी को बताया, ‘‘शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह नस्ली मकसद से किया गया हमला था लेकिन हमें (आधिकारिक) बयान का इंतजार करने की जरूरत है।’’


जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए ने कहा कि पुलिस एक वीडियो की जांच कर रही है जिसे संदिग्ध ने कुछ दिन पहले पोस्ट किया था जिसमें उसने अमेरिका में बच्चों के उत्पीड़न की एक साजिश का विवरण दिया था। इस वीडियो की प्रमाणिकता की तत्काल पुष्टि नहीं हो पाई है।


वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति, तोबियस आर., के नाम से ही पंजीकृत कराई गई वेबसाइट के मालिक ने कहा कि वह हनाऊ में 1977 में पैदा हुआ और शहर में ही बड़ा हुआ। बाद में उसने एक बैंक में प्रशिक्षण प्राप्त किया और 2007 में अपनी बिजनेस डिग्री पूरी की।  यह हमला जर्मनी में धुर दक्षिणपंथी हिंसा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच हुआ है। चांसलर एंजेला मर्केल ने गुरुवार को हाल्ले में एक विश्वविद्यालय में अपना प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया।


उनके प्रवक्ता स्टीफन सीबर्ट ने कहा कि वह, ‘‘हनाऊ में चल रही जांच पर लगातार नजर रख रही हैं।’’ हाल्ले में पिछले साल भी एक हमला हुआ था जब एक व्यक्ति ने यहूदी विरोधी नजरिया व्यक्त करते हुए साइनागॉग में गोलीबारी की कोशिश की लेकिन विफल हो गया और गिरफ्तारी से पहले उसने वहां से गुजर रहे दो लोगों को गोली मार दी।


प्रवक्ता ने ट्विटर पर कहा, “आज सुबह मन हनाऊ के लोगों के साथ है, जिनके बीच यह भयानक अपराध किया गया। प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना।”


ब्यूथ ने बताया कि हमले में मारे गए लोगों के अलावा एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है जबकि कई अन्य को भी चोट आई है।


हनाऊ के मेयर क्लाउस कामिंस्की ने ‘बिल्ड’ समाचार पत्र से कहा, ‘‘इससे खराब रात नहीं हो सकती। हम इसमें लंबे समय तक व्यस्त रहेंगे और यह हमेशा एक दुखद याद रहेगी।’’


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रभारी महामंत्री अजय माकन के राजस्थान के फीडबैक कार्यक्रम मे पीसीसी सदस्य शरीफ की आवाज से कांग्रेस  हलके मे हड़कंप।

  जयपुर।             राजस्थान के नव मनोनीत प्रभारी कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री अजय माकन द्वारा प्रदेश के अलग अलग सम्भाग के फीडबैक कार्यक्रम के तहत 10-सितंबर को जयपुर सम्भाग के जिलेवार फीडबैक लेने के सिलसिले मे सीकर जिले के नेताओं व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिये जाते समय पीसीसी सदस्य मोहम्मद शरीफ द्वारा मुस्लिम समुदाय के सम्बन्धित सवाल खड़े करने के साथ माकन को दिये गये पार्टी हित मे उनके सुझावों के बाद वायरल उनके वीडियो से राजस्थान की कांग्रेस राजनीति मे हड़कंप मचा हुवा है।                    कांग्रेस कार्यकर्ता मोहम्मद शरीफ ने प्रभारी महामंत्री अजय माकन, अचानक बने प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा व प्रभारी सचिव एवं अन्य सीनियर नेताओं की मोजूदगी मे कहा कि मुस्लिम समुदाय चुनावो के समय बडी तादाद मे कांग्रेस के पक्ष मे मतदान करके कांग्रेस सरकार के गठन मे अहम किरदार अदा करता है। लेकिन सरकार बनने के बाद उन्हे सत्ता मे उचित हिस्सेदारी नही मिलती है। प्रदेश मे कांग्रेस के नो मुस्लिम विधायक होने के बावजूद केवल मात्र एक विधायक शाले मोहम्मद को मंत्री बनाकर उन्हें अल्पसंख्यक मंत्रालय तक सीमित करके र

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि