सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जामिया वीडियो : भाजपा-कांग्रेस में ज़बानी जंग

नयी दिल्ली, ::  जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पुस्तकालय में दिसंबर में सुरक्षा बलों द्वारा विद्यार्थियों को पीटने के कुछ वीडियो क्लिपों पर सोमवार को सियासत गर्मा गई। भाजपा ने कांग्रेस पर घटना को ‘राजनीतिक रंग’ देने का आरोप लगाया तो विपक्षी पार्टी का इल्ज़ाम है कि सरकार ‘दबंगों’ के तौर पर पुलिस का ‘दुरुपयोग’ कर रही है।


यह विवाद ‘वीडियो बनाम वीडियो’ से शुरू हुआ है। दरअसल जामिया समन्वय समिति (जेसीसी) ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की ‘लीक’ वीडियो के जवाब में ओल्ड रीडिंग हॉल में पुलिस की कथित ‘बर्बरता’ की सीसीटीवी फुटेज जारी कर दी। अपराध शाखा की ‘लीक’ वीडियो में कथित रूप से दिख रहा है कि 15 दिसंबर को कुछ ‘दंगाई’ पुस्तकालय में छुप रहे हैं। हालांकि इन वीडियो की सच्चाई का पता नहीं लगाया जा सका है।


भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, ‘‘कांग्रेस असामाजिक तत्वों और हिंसा में शामिल लोगों का लगातार समर्थन कर रही है। उसने देश के सुरक्षा बलों और पुलिस के खिलाफ आवाज उठाई है।’’


जेसीसी की ओर से जारी 48 सेकेंड के वीडियो में कथित तौर पर अर्द्धसैनिक बल और पुलिस के करीब सात-आठ कर्मी ओल्ड रीडिंग हॉल में प्रवेश करते और छात्रों को लाठियों से पीटते दिख रहे हैं। ये कर्मी रूमाल से अपने चेहरे ढंके हुए भी नजर आ रहे हैं।


पांच मिनट 25 सेंकेंड के दूसरे क्लिप में लोग हड़बड़ी में विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में प्रवेश करते हुए कथित रूप से नजर आ रहे हैं। कुछ ने अपने चेहरे ढंके हुए हैं।


राव ने सवाल किया कि छात्रों ने अपना चेहरा क्यों ढंक रखा था और वे हाथों में पत्थर लेकर कौन सी पढ़ाई कर रहे थे?


राव ने सवाल किया ‘‘कौन से अकादमिक अनुशासन में विद्यार्थियों को पढ़ते समय मास्क पहनने और हाथों में पत्थर लेने की जरूरत होती है।’’


राव ने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस हमेशा उन लोगों के साथ खड़ी होती है जो देश से दुश्मनी रखते हैं।’’


भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि सत्तारूढ़ दल ‘रंगे हाथों’ पकड़ा गया है।


उन्होंने कहा, “ वे अपने दबंगों के तौर पर पुलिस बल का दुरुपयोग करने के दोषी हैं। भाजपा सरकार आरोपी है और बेगुनाह छात्रों पर हमले के मामले में दोषी है। जामिया की इस हिंसा की तफ्तीश के लिए अदालत की निगरानी में जांच वक्त की जरूरत है।”


कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब पुलिस कर्मी सच छुपाते हैं और युवाओं के साथ कोई संवाद नहीं होता है तो लोकतंत्र की जड़ें धीरे-धीरे कमज़ोर हो जाएंगी।


सिब्बल ने एक ट्वीट में कहा, “ 15 दिसंबर को जामिया के पुस्तकालय में पुलिस की बर्बरता (टेप)। जब पुलिस कर्मी सच छुपाते हैं और युवाओं के साथ कोई संवाद नहीं होता है। जब भाषण असभ्य हो जाते हैं। जब सरकार जासूस बन जाए। और डेटा झूठ से भरा हो तो धीरे-धीरे लोकतंत्र की जड़ें कमज़ोर हो जाएंगी।”


जेसीसी जामिया मिल्लिया इस्लामिया के वर्तमान और पूर्व छात्रों का संगठन है जिसे 15 दिसंबर 2019 को कथित पुलिस बर्बरता के बाद गठित किया गया था। इसकी ओर से जारी वीडियो को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को साझा किया था।


उन्होंने कहा था कि अगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो सरकार की नीयत पूरी तरह से देश के सामने आ जाएगी।


उन्होंने गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस पर यह “झूठ’’ बोलने का भी आरोप लगाया कि पुस्तकालय के भीतर जामिया के छात्रों की पिटाई नहीं की गई थी।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क