सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

गृहमंत्री अमित शाह इस्तीफा दें: गहलोत

जयपुर, :: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।


गहलोत ने इस बारे में किए गए ट्वीट में लिखा, ‘‘गृहमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि उन्होंने लोगों की जान बचाने व हालात सामान्य करने के लिए कुछ नहीं किया। दिल्ली जल रही थी और हमने गृहमंत्री की ओर से कोई कार्रवाई नहीं देखी।’’


गहलोत के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ठीक ही शाह के इस्तीफे की मांग की है क्योंकि वे दिल्ली में हिंसा के दौरान हालात पर काबू पाने में विफल रहे हैं।


गहलोत ने कहा कि केंद्र एवं दिल्ली की सरकार को सोनिया गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए और कांग्रेस दिल्ली में शांति व सद्भाव बहाल करने के लिए हरसंभव मदद को तैयार है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को इस बारे में पहल करते हुए न केवल विपक्षी दलों बल्कि आम जनता से संवाद करना चाहिए।


इससे पहले संवाददाताओं से बातचीत में गहलोत ने कहा, ‘‘हम तो अपील करना चाहेंगे, चाहे कोई पक्ष-विपक्ष हो, चाहे कोई धर्म के लोग हों, जाति के लोग हों, हिंसा का स्थान नहीं होना चाहिए। जीवन के अंदर हिंसा का स्थान कभी नहीं होना चाहिए और महात्मा गांधी ने हमें यही सिखाया है।’’


इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साबरबती आश्रम में अपनी टिप्पणी में महात्मा गांधी का उल्लेख नहीं किए जाने की आलोचना की।


उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस बात का अफसोस है कि ट्रंप साबरमती आश्रम गए और वहां पुस्तिका में लिखी टिप्पणी में महात्मा गांधी का नाम तक नहीं लिखा।’’


गहलोत ने कहा, ‘‘जो व्यक्ति महात्मा गांधी को मानता ही नहीं है, जिस व्यक्ति की विचारधारा महात्मा गांधी से मिलती ही नहीं है, उनको आप ले गए, साबरमती आश्रम ले गए और जो कमेंट लिखे जाते हैं, वहां महात्मा गांधी का नाम नहीं लिखा, वहां नरेंद्र मोदी का नाम लिखा, वो मुझे यहां लेकर आए हैं। मैं समझता हूं कि इससे देश की प्रतिष्ठा को ठेस लगी है।’’ 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक्फबोर्ड चैयरमैन डा.खानू की कोशिशों से अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये जमीन आवंटन का आदेश जारी।

         ।अशफाक कायमखानी। चूरु।राजस्थान।              राज्य सरकार द्वारा चूरु शहर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास के लिये बजट आवंटित होने के बावजूद जमीन नही होने के कारण निर्माण का मामला काफी दिनो से अटके रहने के बाद डा.खानू खान की कोशिशों से जमीन आवंटन का आदेश जारी होने से चारो तरफ खुशी का आलम देखा जा रहा है।            स्थानीय नगरपरिषद ने जमीन आवंटन का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजकर जमीन आवंटन करने का अनुरोध किया था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही मे देरी होने पर स्थानीय लोगो ने धरने प्रदर्शन किया था। उक्त लोगो ने वक्फ बोर्ड चैयरमैन डा.खानू खान से परिषद के प्रस्ताव को मंजूर करवा कर आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। डा.खानू खान ने तत्परता दिखाते हुये भागदौड़ करके सरकार से जमीन आवंटन का आदेश आज जारी करवाने पर क्षेत्रवासी उनका आभार व्यक्त कर रहे है।  

आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया

 आई.सी.एस.ई. तथा आई.एस.सी 2021 के घोषित हुए परीक्षा परिणामो में लखनऊ पब्लिक स्कूल ने पूरे जिले में अग्रणी स्थान बनाया। विद्यालय में इस सत्र में आई.सी.एस.ई. (कक्षा 10) तथा आई.एस.सी. (कक्षा 12) में कुल सम्मिलित छात्र-छात्राओं की संख्या क्रमशः 153 और 103 रही। विद्यालय का परीक्षाफल शत -प्रतिशत रहा। इस वर्ष कोरोना काल में परीक्षा परिणाम विगत पिछले परीक्षाओं के आकलन के आधार पर निर्धारित किए गए है ।  आई.सी.एस.ई. 2021 परीक्षा में स्वयं गर्ग ने 98% अंक लाकर प्रथम,  ऋषिका अग्रवाल  ने 97.6% अंक लाकर द्वितीय तथा वृंदा अग्रवाल ने 97.4% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   आई .एस.सी. 2021 परीक्षा में आयुष शर्मा  ने 98.5% अंक लाकर प्रथम, कुशाग्र पांडे ने 98.25% अंक लाकर द्वितीय तथा आरुषि अग्रवाल ने 97.75% अंक लाकर तृतीय स्थान प्राप्त किया।   उल्लेखनीय है कि आई.एस.सी. 2021 परीक्षा में इस वर्ष विद्यालय में 21 छात्रों ने तथा आई.सी.एस.ई.की परीक्षा में 48 छात्रों ने 90 प्रतिशत से भी अधिक अंक लाएं।   आई.सी.एस. 2021 परीक्षा में प्रथम आये आयुष शर्मा के पिता श्री श्याम जी शर्मा एक व्यापारी हैं । वह भविष्य में

नूआ का मुस्लिम परिवार जिसमे एक दर्जन से अधिक अधिकारी बने। तो झाड़ोद का दूसरा परिवार जिसमे अधिकारियों की लम्बी कतार

              ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।             राजस्थान मे खासतौर पर देहाती परिवेश मे रहकर फौज-पुलिस व अन्य सेवाओं मे रहने के अलावा खेती पर निर्भर मुस्लिम समुदाय की कायमखानी बिरादरी के झूंझुनू जिले के नूआ व नागौर जिले के झाड़ोद गावं के दो परिवारों मे बडी तादाद मे अधिकारी देकर वतन की खिदमत अंजाम दे रहे है।            नूआ गावं के मरहूम लियाकत अली व झाड़ोद के जस्टिस भंवरु खा के परिवार को लम्बे अर्शे से अधिकारियो की खान के तौर पर प्रदेश मे पहचाना जाता है। जस्टिस भंवरु खा स्वयं राजस्थान के निवासी के तौर पर पहले न्यायीक सेवा मे चयनित होने वाले मुस्लिम थे। जो बाद मे राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हुये। उनके दादा कप्तान महमदू खा रियासत काल मे केप्टन व पीता बक्सू खां पुलिस के आला अधिकारी से सेवानिवृत्त हुये। भंवरु के चाचा पुलिस अधिकारी सहित विभिन्न विभागों मे अधिकारी रहे। इनके भाई बहादुर खा व बख्तावर खान राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है। जस्टिस भंवरु के पुत्र इकबाल खान व पूत्र वधु रश्मि वर्तमान मे भारतीय प्रशासनिक सेवा के IAS अधिकारी है।              इसी तरह नूआ गावं के मरह