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ईडी ने पीएफआई के अधिकारियों से पूछताछ की

नयी दिल्ली, :: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन मामले की जांच के तहत पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और संगठन से संबंधित एक एनजीओ के कुछ अधिकारियों से पूछताछ की है।


अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि केरल के संगठन के आधे दर्जन से ज़्यादा पदाधिकारियों से आमदनी, खर्च, कोष के विभिन्न स्रोत और संगठन द्वारा हासिल किए जाने वाले या वितरित किए जाने वाले कोष के लाभार्थियों के बारे में पूछताछ की गई।


केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि उसने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनके बयान भी दर्ज किए।


ईडी पीएफआई और एनजीओ रेहाब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ) के खिलाफ पीएमएलए को आपराधिक प्रावधानों के तहत जांच कर रही है। यह जांच 2018 में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) या प्राथमिकी के तहत हो रही है।


एजेंसी इन आरोपों की भी जांच कर रही है कि संगठनों ने अपने बैंक खातों से जो धन प्राप्त किया और वितरित किया, उसका देश के अलग अलग हिस्सों में सीएए विरोधी प्रदर्शनों को भड़काने के लिए कथित रूप से इस्तेमाल किया गया था।


सूत्रों ने बताया कि एजेंसी पीएफआई के कुछ अधिकारियों के दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों के नेताओं के साथ संबंध की सटीक प्रकृति की जांच कर रही हैं।


पीएफआई दिल्ली के अध्यक्ष परवेज़ अहमद से पीटीआई भाषा ने पूछा कि क्या उनका आप नेता संजय सिंह और कांग्रेस नेता उदित राज से कोई संबंध है ? जैसा मीडिया में आई खबरों में कहा गया है।


उन्होंने कहा, “ एक सामाजिक आंदोलन होने के नाते, अपने जनसंपर्क के तौर पर हम कई लोगों से मिलते हैं और हम (संजय सिंह से) अपनी गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए मिले थे।”


अहमद ने कहा कि वह राज से कभी नहीं मिले जबकि दोनों ने एक बार बात की क्योंकि कांग्रेस नेता चाहते थे कि पीएफआई के महसचिव दिल्ली में एक कार्यक्रम में हिस्सा लें।


आप से राज्यसभा सांसद सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर पर कहा कि ईडी की ओर से कोई ‘आधिकारिक दस्तावेज या बयान’ नहीं है जो उनका संबंध पीएफआई से जोड़े।


उन्होंने कहा कि इस बाबत आई रिपोर्टें “भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उनका नाम बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने शाह पर पीछे से कायरों की तरह हमला करने का आरोप लगाया ।


राज ऑल इंडिया कॉन्फ्रेडेशन ऑफ एससी एवं एसटी ऑर्गानाजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।


उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके नाम को पीएफआई के साथ जोड़ा है। इसकी संभावना है कि उन्होंने पिछले साल दिसंबर में हुई रैली के लिए कई लोगों से मुलाकात और बात की थी।


राज ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, “ मैं सैकड़ों लोगों से बात करता हूं और मिलता हूं। सब को याद रखना संभव नहीं है।”


सूत्रों ने कहा है कि कुल 120 करोड़ रुपये की राशि, पीएफआई, आरएफआई और कुछ अन्य से जुड़े बैंक खातों में अलग अलग समय पर जमा की गई है, जिसकी ईडी जांच कर रही है।


हालांकि पीएफआई ने इससे इनकार किया है।


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