सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

धन्यवाद प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री का विपक्ष को दिया गया जवाब अहंकार की पराकाष्ठा: अजय कुमार लल्लू


लखनऊ 19 फरवरी : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू  ने आज विधानसभा में दिये गये धन्यवाद प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये जवाब को झूठ का पुलिन्दा, अहंकार की पराकाष्ठा और तथ्यहीन करार दिया है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आरक्षण पर विपक्ष द्वारा उठाये गये सवाल का जवाब देते हुए यह कहना कि हमने अपने कार्यकाल में मार्च 2017 के बाद दो लाख पचास हजार युवाओं को नौकरियां दी हैं और उसमें आरक्षण के नियम का पूरी तरह पालन किया गया है, यह बयान पूरी तरह असत्य और गुमराह करने वाला है। क्येांकि सरकारी विभाग की नौकरियों के बकायदा विज्ञापन आते हैं, परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं, परिणाम घोषित होते हैं और इतनी संख्या में सरकारी नौकरियां दिये जाने का साक्ष्य न तो सरकार के पास है और न ही किसी संस्था के पास है। यह जवाब उ0प्र0 की विधानसभा, विपक्ष और बेरोजगार युवाओं का अपमान है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे राज्य की कानून व्यवस्था पर कोई परिन्दा पर नहीं मार सकता, अपराध पूरी तरह नियंत्रण में है, पर कहा कि आये दिन बलात्कार, लूट, हत्या जैसी जघन्य घटनाएं प्रदेश में कौन कर रहा है और सरकार उस पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है जिसमें बलात्कार की उन्नाव में तीन घटनाएं जिसमें हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट को दखल देना पड़ा। इसी प्रकार शाहजहांपुर की घटना, अयोध्या, कानपुर, कानपुर देहात, गोण्डा की घटना, मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र गोरखपुर की घटना सहित प्रदेश के लगभग हर जनपद में बलात्कार की घटनाएं समाचारपत्रों की सुर्खियां बन रही हैं। अभी कानपुर देहात में दबंगों द्वारा भीम कथा के आयोजकों की पिटाई करना, घर में घुसकर महिलाओं एवं बच्चों को पीटना, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुछ महीने के अंदर ही हिन्दू संगठन से जुड़े दो-दो प्रदेश स्तरीय नेताओं की हत्या, लखनऊ कचेहरी में बम से मारने की घटना, प्रयागराज एवं लखनऊ में वकीलों की गोली मारकर हत्या, यह सब घटनाएं कानून व्यवस्था के नाम पर बदनुमा दाग हैं और मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिये गये जवाब पर खुद ब खुद सवाल बनकर खड़े हैं।
श्री अजय कुमार लल्लू जी ने कहा कि सीएए/एनआरसी/एनपीआर के विरोध में पूरे प्रदेश के लगभग हर जनपदों में हुए विरोध प्रदर्शनों पर जिस बर्बरता के साथ पुलिस प्रशासन ने कार्यवाही की है, लोगों पर पुलिस ने गोली चलाई जिसमें तमाम लोगों की जानें गयीं। महिलाओं और बच्चों के साथ बर्बर कार्यवाही की गयी तथा तमाम धाराएं लगाकर जेल भेजा गया। यह असहमति को क्रूरता से कुचलने जैसा है। जबकि मुख्यमंत्री जी स्वयं कह रहे हैं कि असहमति लोकतंत्र का आधार है। बिजनौर, मेरठ, लखनऊ, अलीगढ़, आजमगढ़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद आदि तमाम जिलों में की गयी पुलिसिया ज्यादती खुद मुख्यमंत्री जी के जवाब पर प्रश्नचिन्ह हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उ0प्र0 में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर की गयी पुलिसिया ताण्डव के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की गयी तथ्यपूर्ण शिकायत पर खुद मानवाधिकार आयोग ने उ0प्र0 के पुलिस और प्रशासन से जवाब तलब किया है तथा राज्य सरकार द्वारा लोगों पर लगाये गये जुर्माने पर मा0 उच्च न्यायालय ने रोक लगाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि उ0प्र0 में कानून का शासन नहीं है मुख्यमंत्री जी सरासर विधानसभा और प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं।
श्री अजय कुमार लल्लू जी ने कहा कि जबसे भाजपा की सरकार बनी है उ0प्र0 का किसान पूरी तरीके से परेशान और निराश है क्योंकि उर्वरक, कीटनाशक, पानी, बिजली तथा डीजल के दामों में 50प्रतिशत से अधिक वृद्धि हो चुकी है उस अनुपात में किसानों की फसलों की खरीद नहीं हो पा रही हैं न ही छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान की भांति फसलों पर बोनस का कोई प्रावधान है। जिसका नतीजा यह है कि लागत अधिक और मूल्य कम मिल पाने से हमारे उ0प्र0 का किसान घाटे में कृषि करने को विवश है। रही-सही कसर अवारा पशु फसलों को बर्बाद कर किसानों पर बोझ बन रहे हैं। विधानसभा में खुशहाली के बारे में मुख्यमंत्री का दिया गया बयान अन्नदाता किसानों का अपमान करना है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि

राजस्थान मे गहलोत सरकार के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की बढती नाराजगी अब चरम पर पहुंचती नजर आने लगी।

                   ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा शुरुआत से लेकर अबतक लगातार सरकारी स्तर पर लिये जा रहे फैसलो मे मुस्लिम समुदाय को हिस्सेदारी के नाम पर लगातार ढेंगा दिखाते आने के बावजूद कल जारी भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के अलावा राजस्थान प्रशासनिक व पुलिस सेवा की जम्बोजेट तबादला सूची मे किसी भी स्तर के मुस्लिम अधिकारी को मेन स्टीम वाले पदो पर लगाने के बजाय तमाम बर्फ वाले माने जाने वाले पदो पर लगाने से समुदाय मे मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार के खिलाफ शुरुआत से जारी नाराजगी बढते बढते अब चरम सीमा पर पहुंचती नजर आ रही है। फिर भी कांग्रेस नेताओं से बात करने पर उनका जवाब एक ही आ रहा है कि सामने आने वाले वाले उपचुनाव मे मतदान तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष मे करने के अलावा अन्य विकल्प भी समुदाय के पास नही है। तो सो प्याज व सो जुतो वाली कहावत हमेशा की तरह आगे भी कहावत समुदाय के तालूक से सही साबित होकर रहेगी। तो गहलोत फिर समुदाय की परवाह क्यो करे।               मुख्यमंत्री गहलोत के पूर्ववर्ती सरकार मे भरतपुर जिले के गोपालगढ मे मस्जिद मे नमाजियों क