वाशिंगटन, : अमेरिका में भारत के निवर्तमान राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने स्वदेश लौटने से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ओवल हाउस में मुलाकात की और भारत एवं अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।
ऐसा संभवत: पहली बार है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने निवर्तमान भारतीय राजदूत से मुलाकात की।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह इस बात को दर्शाता है कि ट्रम्प भारत एवं अमेरिका के संबंधों को कितना महत्व देते हैं।
वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास ने रविवार को ट्वीट किया, ‘‘ भारत के विदेश सचिव के तौर पर कार्यभार संभालने के लिए नयी दिल्ली रवाना होने से पहले राजदूत हर्ष श्रृंगला ने व्हाइट हाउस के ओवल हाउस में ट्रम्प से मुलाकात की और भारत एवं अमेरिका के कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके सहयोग के लिए उनका धन्यवाद किया।’’
श्रृंगला (57) भारत के 33वें विदेश सचिव के तौर पर नयी जिम्मेदारी संभालने के लिए रविवार को वाशिंगटन से रवाना हो गए। वह 29 जनवरी को अपना कार्यभार संभालेंगे।
डलास अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से दुबई जाने वाले अमीरात विमान में सवार होने से पहले श्रृंगला ने ट्वीट किया था, ‘‘ अंतिम अलविदा।’’
उन्होंने साथ ही एक तस्वीर भी साझा कि थी, जिसमें वह उनके आधिकारिक आवास इंडिया हाउस के लॉन में खड़े नजर आ रहे थे।
अमेरिका में भारत के उप राजदूत अमित कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘ महत्वूपर्ण पद संभालने के लिए नयी दिल्ली जाने वाले राजदूत श्रृंगला को शुभ यात्रा और शुभकामनाएं । भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक साझेदारी को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए पिछले कुछ महीनों में साथ मिलकर काम करने का मौका मिलना सौभाग्य की बात है।’’
न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्यदूत संदीप चक्रवर्ती ने ट्वीट किया, ‘‘वाशिंगटन में आज शाम कुछ खट्टे-मीठे पल। राजदूत श्रृंगला अमेरिका से जा रहे हैं लेकिन वह भारत से हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।’’
श्रृंगला विदेश सेवा के 1984 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने करीब एक साल तक अमेरिका में भारतीय राजदूत के तौर पर सफलतापूर्वक जिम्मेदारी निभाई।
वक़्फ़ संशोधन बिल के विरोधियों को लखनऊ पुलिस द्वारा भेजा गया नोटिस असंवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट ले एक्शन- शाहनवाज़ आलम
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 . कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विचार रखने वाले नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आज़ादी और विरोध करने के मौलिक अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसलों की अवमानना पर स्वतः संज्ञान लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लखनऊ के कई नागरिकों को लखनऊ पुलिस द्वारा उनकी तरफ से वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ़ होने वाले संभावित प्रदर्शनों में शामिल होने का अंदेशा जताकर उन्हें नोटिस भेजा गया है. जबकि अभी नागरिकों की तरफ से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ भी नहीं है. सबसे गम्भीर मुद्दा यह है कि इन नोटिसों में नागरिकों को अगले एक साल तक के लिए उनसे शांति भंग का खतरा बताते हुए 50 हज़ार रुपये भी जमा कराने के साथ इतनी धनराशि की दो ज़मानतें भी मांगी जा रही हैं. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यूपी पुलिस यह कैसे भूल सकती है कि उसकी यह कार्यवाई संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है जो नागर...
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