राजपथ में गणतंत्र दिवस परेड के साक्षी बने ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो

नयी दिल्ली, :: ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो का नाम रविवार को विश्व के उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शुमार हो गया, जिन्होंने पिछले कुछ दशकों में भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनकर इसकी शोभा बढ़ाई है।


बोलसोनारो भारत के 71वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे और उन्होंने राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं के साथ भव्य परेड का आनंद उठाया।


बोलसोनारो शाम को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा आयोजित ‘जलपान कार्यक्रम’ में भी शामिल हुए।


ऐसा तीसरी बार हुआ है, जब ब्राजील के राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की है। इससे पहले 2004 में ब्राजील के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि थे। उस समय ब्राजील के तत्कालीन राष्ट्रपति लुइस इनासियो लूला डिसिल्वा ने परेड देखी थी।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोलसोनारो ने शनिवार को भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय संबंधों में नयी गति पैदा करने के उद्देश्य से विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की थी। इस दौरान दोनों देशों ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, जैव ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खनन, सांस्कृतिक आदान प्रदान, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।


बोलसोनारो एक जनवरी 2019 को राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद पहली बार भारत आए हैं।


बोलसोनारो को आमंत्रित किए जाने की कुछ खेमों ने आलोचना करते हुए सवाल किए थे कि उनके जैसे ‘‘विवादास्पद’’ व्यक्ति को गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि के रूप में क्यों चुना गया।


इस विवाद पर सवाल किए जाने पर विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) विजय ठाकुर सिंह ने पिछले सप्ताह कहा था कि राष्ट्रपति बोलसोनारो की यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है।


उन्होंने कहा था कि बोलसोनारो एक ऐसे लोकतांत्रिक देश के चुने गए नेता हैं जो क्षेत्र में एक उभरती शक्ति है और जिसके साथ भारत के मजबूत संबंध हैं।


ब्राजील के राष्ट्रपति के साथ उनकी बेटी लॉरा बोलसोनारो, पुत्रवधू लेटिसिया फर्मो, आठ मंत्री, चार सांसद, ब्राजील की संसद में ब्राजील-भारत मैत्री समूह के अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी और एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी दौरे पर आया है। वे 24-27 जनवरी तक भारत यात्रा पर आए हैं।


पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि थे जबकि 2018 में सभी 10 आसियान देशों के नेता इस समारोह में शामिल हुए थे। अबू धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 2017 में और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद 2016 में मुख्य अतिथि थे।


इससे पहले 2015 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा एवं 2014 में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे मुख्य अतिथि थे और 2013 में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक परेड में शामिल हुए थे।


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