इस्लामाबाद, : पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शीर्ष ईरानी नेतृत्व के साथ अपनी बैठक के दौरान ‘अधिकतम संयम’ की अपील की और ईरान-अमेरिका संबंधों में आए हालिया तनाव का हल करने के लिए बातचीत पर जोर दिया। विदेश कार्यालय ने सोमवार को यहां यह जानकारी दी।
कुरैशी ने प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्देश पर रविवार को ईरान और सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा शुरू की। अमेरिकी ड्रोन हमले में शीर्ष ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव घटाने की पाकिस्तान की कोशिशों के तहत कुरैशी की यह यात्रा हो रही है।
खान ने कहा है कि पाकिस्तान किसी क्षेत्रीय संघर्ष में पक्षकार नहीं बनेगा और इसके बजाय एक शांति निर्माता की भूमिका निभाएगा। पाक की शक्तिशाली सेना ने यह भी कहा है कि वह किसी के खिलाफ अपनी सरजमीं का इस्तेमाल नहीं करने देगी।
पाकिस्तान की सीमा ईरान से भी लगी हुई है।
विदेश कार्यालय के एक बयान के मुताबिक कुरैशी ने ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी और विदेश मंत्री जवाद जरीफ से अलग-अलग मुलाकात की तथा इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की। पाकिस्तान-ईरान संबंध पर भी चर्चा हुई।
बयान में कहा गया है, ‘‘उन्होंने अधिकतम संयम और तनाव घटाने के लिए सभी पक्षों के फौरी कदमों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और यह वार्ता एवं कूटनीति के जरिए मुद्दों का हल जरूरी है।’’
राष्ट्रपति रूहानी और विदेश मंत्री जरीफ ने कुरैशी की यात्रा की सराहना की और पाकिस्तान के साथ भाईचारे वाले उसके (ईरान के) संबंध की अहमियत पर जोर दिया।
नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान क्षेत्र में तनाव घटाने और शांति एवं स्थिरता के संरक्षण को प्राथमिकता देता है।
विदेश कार्यालय ने ईरानी नेताओं के हवाले से कहा कि इसके प्रति सभी पक्षों की जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर इराक में तीन जनवरी को किए गए एक ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर सुलेमानी के मारे जाने के बाद जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान ने बीते बुधवार को इराक में दो सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागी। इन सैन्य अड्डों का इस्तेमाल अमेरिकी बल कर रहे हैं। इसी घटनाक्रम में एक त्रासदी भी हुई, जब ईरान ने दुर्घटनावश यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस के एक विमान को मार गिराया।
कई दिनों के इनकार के बाद तेहरान ने शनिवार को इस मानवीय गलती को स्वीकार किया।
वक़्फ़ संशोधन बिल के विरोधियों को लखनऊ पुलिस द्वारा भेजा गया नोटिस असंवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट ले एक्शन- शाहनवाज़ आलम
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 . कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विचार रखने वाले नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आज़ादी और विरोध करने के मौलिक अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसलों की अवमानना पर स्वतः संज्ञान लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लखनऊ के कई नागरिकों को लखनऊ पुलिस द्वारा उनकी तरफ से वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ़ होने वाले संभावित प्रदर्शनों में शामिल होने का अंदेशा जताकर उन्हें नोटिस भेजा गया है. जबकि अभी नागरिकों की तरफ से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ भी नहीं है. सबसे गम्भीर मुद्दा यह है कि इन नोटिसों में नागरिकों को अगले एक साल तक के लिए उनसे शांति भंग का खतरा बताते हुए 50 हज़ार रुपये भी जमा कराने के साथ इतनी धनराशि की दो ज़मानतें भी मांगी जा रही हैं. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यूपी पुलिस यह कैसे भूल सकती है कि उसकी यह कार्यवाई संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है जो नागर...
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