सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आईओए प्रमुख बत्रा ने आरएफआई से भोकानल के प्रतिबंध की समीक्षा को कहा

नयी दिल्ली, : भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने शुक्रवार को भारतीय नौकायन महासंघ (आरएफआई) से कहा कि वह दत्तू भोकानल पर लगाये गये दो साल के प्रतिबंध की समीक्षा करे क्योंकि पहली बार गलती करने वाले के लिये यह बहुत कड़ी सजा है।

भोकानल 2018 एशियाई खेलों के दौरान रेस के बीच में ही रूक गये थे। विश्व चैम्पियनशिप की पूर्व कांस्य पदक विजेता लंबी कूद की एथलीट अंजू बॉबी जार्ज ने पत्र लिखकर इस मामले पर आईओए का ध्यान दिलाया। इसके बाद बत्रा ने हस्तक्षेप किया।


आईओए एथलीट आयोग की अध्यक्ष अंजू ने आगामी तोक्यो ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए भोकानल के प्रतिबंध की अवधि को कम करने के लिये कहा।

आरएफआई अध्यक्ष राजालक्ष्मी देव को लिखे पत्र में बत्रा ने कहा, ‘‘मैं आपसे इस मामले पर दोबारा विचार का अनुरोध करता हूं क्योंकि मेरी जानकारी में ऐसा कोई नियम नहीं है जो आरएफआई को एक खिलाड़ी को पहली बार गलती के लिये छह महीने से ज्यादा समय के लिये निलंबित करने की अनुमति देता है, अगर यह जानबूझकर नहीं किया गया। ’’

भोकानल एशियाई खेलों में पुरूष क्वाड्रपल स्कल्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय चौकड़ी में एक सदस्य थे लेकिन वह सिंगल स्कल्स स्पर्धा के दौरान रेस में बीच में ही रूक गये थे।

भोकानल ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि वह नाव से गिर गये थे जो पलट गयी थी और उस दिन वह अच्छा महसूस नहीं कर रहे थे।

आरएफआई ने पिछले साल मार्च में उन्हें दो साल के लिये प्रतिबंधित कर दिया था और भोकानल के स्पष्टीकरण को भी खारिज कर दिया था।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वक़्फ़ संशोधन बिल के विरोधियों को लखनऊ पुलिस द्वारा भेजा गया नोटिस असंवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट ले एक्शन- शाहनवाज़ आलम

  नयी दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 . कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विचार रखने वाले नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आज़ादी और विरोध करने के मौलिक अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसलों की अवमानना पर स्वतः संज्ञान लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लखनऊ के कई नागरिकों को लखनऊ पुलिस द्वारा उनकी तरफ से वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ़ होने वाले संभावित प्रदर्शनों में शामिल होने का अंदेशा जताकर उन्हें नोटिस भेजा गया है. जबकि अभी नागरिकों की तरफ से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ भी नहीं है. सबसे गम्भीर मुद्दा यह है कि इन नोटिसों में नागरिकों को अगले एक साल तक के लिए उनसे शांति भंग का खतरा बताते हुए 50 हज़ार रुपये भी जमा कराने के साथ इतनी धनराशि की दो ज़मानतें भी मांगी जा रही हैं. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यूपी पुलिस यह कैसे भूल सकती है कि उसकी यह कार्यवाई संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है जो नागर...

इफ्तार पार्टियों का आयोजन लगातार जारी।

  सीकर-राजस्थान।        जनपद मे माहे रमजान शुरू होने के साथ ही अनेक सामाजिक व शेक्षणिक संस्थाओं के अलावा व्यक्तिगत लोगो द्वारा इफ्तार का आयोजन का सीलसीला जारी है।    इस सीलसीले के तहत सीकर शहर मे आज इतवार को सीकर में पंचायत शेखावाटी लीलगरान और युवा कमेटी की तरफ से रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन सय्यदा मस्जिद फतेहपुर रोड़ भैरुपुरा कच्चा रास्ता सीकर में किया गया। ,जिसमे सैकड़ों रोजेदारों ने शिरकत की और प्रदेश में अमन चैन की दुआ मांगी,इफ्तार के बाद मगरिब की नमाज पढ़ी गई।

इंडिया गठबंधन की सफलता में अल्पसंख्यकों की सबसे बड़ी भूमिका- शाहनवाज़ आलम

  लखनऊ, 12 जून 2024 . लोकसभा चुनाव में भले जीत एनडीए की हुई हो लेकिन राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को देश ने नेता माना है. इंडिया गठबंधन को मिली सफलता में अल्पसंख्यक समुदाय खासकर मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा रोल है जिसे अल्पसंख्यक कांग्रेस ने अंजाम दिया. ये बातें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा आयोजित आभार और चुनाव समीक्षा बैठक में कहीं. बैठक को संबोधित करते हुए अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग के साथ दलित, पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों ने राहुल और प्रियंका गाँधी के सामाजिक न्याय, सीएए- एनआरसी विरोधी स्टैंड, जातिगत जनगणना, आरक्षण पर लगे 50 प्रतिशत की पाबंदी को हटाने के लिए किये गए वादों से प्रभावित होकर वोट दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन तबकों के सवालों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी.  शाहनवाज़ आलम ने कहा कि सीएसडीएस के आंकड़ों से यह साबित हुआ है कि पूरे देश में मुसलमान, दलित और पिछड़े कांग्रेस के मुख्य बेस वोटर रहे. वहीं कथित ऊँची जातियों का 70 प्रतिशत वोट भाजपा को गया. इस सवर्ण वोट बैंक को कां...