आई.टी.सी. लि0, इंडियन डेवलपमेंट सेन्टर एवं नगर विकास विभाग उ0प्र0 के मध्य त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर
लखनऊ: प्रदेश के नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन की उपस्थिति में आज उत्तर प्रदेश राज्य के शहरी निकायों, कस्बों को साफ-सुथरा बनाये रखने एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन हेतु आई.टी.सी. लि0, इंडियन डेवलपमेंट सेन्टर (आई.डी.सी.) एवं नगर विकास विभाग उ0प्र0 के मध्य त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किया गया। इस मौके पर आई.डी.सी. के कार्यकारी निदेशक अखिलेश गौतम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आई.टी.सी. मुकुल रोहतगी तथा प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।
इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए आशुतोष टंडन ने कहा कि कस्बों व शहरों के ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन व निस्तारण के लिए आज का किया गया करार (ए.एम.यू.) स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को आगे बढ़ायेगा। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 शहरों की सफाई संबंधित कार्यों को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रभावी ढंग से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही ओ.डी.एफ. के उद्देश्यों को पूरा किया जा रहा है। इस समझौते के तहत सालिड वेस्ट मैनेजमेन्ट रिसोर्स सेन्टर की स्थापना शहरों और कस्बों में होने से सफाई का स्तर और बेहतर होगा। इसके साथ विशेषज्ञ जुड़े होंगे, जो तकनीकी सलाह देकर साफ-सफाई के कार्य को आगे बढ़ायेंगे।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि अमृत मिशन के तहत चयनित 60 कस्बों में तथा राज्य स्तर पर अपशिष्ट प्रबन्धन व निस्तारण का कार्य विशेषज्ञों की देखरेख में सम्पादित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजमेन्ट इकाई लखनऊ विभिन्न तकनीकी विशेषज्ञों के साथ राज्य स्तर व अमृत मिशन के तहत चयनित कस्बों में सालिड अपशिष्ट प्रबन्धन का कार्य करेंगे। इसके अलावा लगभग 400 मास्टर ट्रेनर्स को तकनीकी ज्ञान से लैस करते हुए लगभग 13500 मैट्रिक टन प्रतिदिन तथा एक लाख की आबादी वाले शहरों से जुड़ कर 2700 वार्ड स्तर समितियों के साथ अपशिष्ट प्रबन्धन का कार्य करेंगे। इससे प्राप्त अनुभव से 652 शहरों व कस्बों में तथा 12000 वार्ड की आबादी को लाभान्वित कराया जायेगा।
श्री टंडन ने बताया कि संसाधन केन्द्र लखनऊ में प्रदर्शन केन्द्र भी स्थापित करेंगे, जो गीले अपशिष्ट का प्रसंस्करण करके उसे सूखे में बदलने का कार्य करेंगे। इसके अलावा प्रदर्शन केन्द्र पालिका निकायों से जुड़े कार्यकर्ताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे, ताकि उनका तकनीकी जानकारी व पर्यवेक्षण की कुशलता में बढ़ोत्तरी हो सके।
इस अवसर पर सचिव नगर विकासअनुराग यादव, निदेशक स्थानीय निकाय डा. काजल, विशेष सचिव अनिल कुमार बाजपेयी सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे।
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