रेलवे में जागरूकता एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है


लखनऊ 26 मार्च 2019 ।  भारतीय रेलवे में विभिन्न स्थानों पर रेलवे स्टेषनों/ डिपो/ट्रेनों में आग लगने की घटनायें प्रकाष में आयी है।  ऐसी घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल में आगजनित दुघर््ाटनाओं की रोकथाम एवं बचाव हेतु दिनांक 26 मार्च 2019 से 02 अप्रैल 2019 तक मण्डल रेल प्रबन्धक  विजयलक्ष्मी कौषिक के निर्देषानुसार समस्त विभागों में पारस्परिक सामन्जस्य स्थापित करते हुए वरिष्ठ मण्डल विद्युत इंजीनियर श्री राघवेन्द्र कुमार के नेतृत्व में जागरूकता एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अन्तर्गत विद्युत विभाग द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए निम्नलिखित ठोस कदम उठाये जा रहे है। यह अभियान मण्डल में लखनऊ जं0, गोण्डा जं0, गोरखपुर जं0, ऐषबाग जं0, आनन्दनगर, मैलानी जं0, सीतापुर जं0 एवं बढ़नी स्टेषन पर स्थित विद्युत डिपो के साथ-साथ गोरखपुर जं0, लखनऊ जं0 तथा मैलानी जं0 पर स्थित गाड़ी प्रकाष एवं वातायान डिपों में चलाया जा रहा है, इसके अतिरिक्त मण्डल में स्थित सभी रेलवे कार्यालयों व रेल परिसरों तथा टेªनों के कोचों में विद्युत उपकरणों तथा फिटिंग्स की जाॅच कर उसे दुरूस्त किया जायेगा अथवा आवष्यकतानुसार उन्हें बदला जायेगा। 

 इस अभियान में केबल ज्वाइंट्स की जाॅच कर उन पर तुरन्त इन्सुलेषन लगाया जाएगा अथवा जंक्षन बाक्स का प्रयोग किया जायेगा। पैनलों में लगे नट-बोल्ट इत्यादि की जाॅच कर, ढ़ीले पाये जाने पर उन्हें टाइट किया जाएगा या बदल दिया जाएगा। जमीन पर खुली अवस्था में रखी हुई केबल में किसी बाहरी आग के स्रोत द्वारा केबलों को क्षति पहुॅचने के साथ ही आग फैलने से रेल सम्पत्ति को नुकसान होने की आषंका को समाप्त करने हेतु इस तरह की खुली केबलों को दीवार के सहारे ले जाये जाने अथवा ट्रेंच में रखने की व्यवस्था सुनिष्चित की जायेगी। स्विच रूम इत्यादि में ’सैण्ड बकेट’ में बालू की उपलब्धता व सभी अग्निषामक यंत्रों की कार्यषीलता सुनिष्चित की जायेगी। इस दिषा में कर्मचारियों  को अग्नि दुर्घटना की स्थिति में बालू एवं अग्निषामक यंत्र के प्रयोग हेतु प्रषिक्षण भी दिया जाएगा। टेªन के डिब्बांे के अन्दर ’फ्यूज डिस्ट्रीब्यूषन बाक्सेज’ या पंखों के ऊपर तथा पैनल इत्यादि में पाये जाने वाले  कचरे या प्लास्टिक स्कैप को ’पिट मेन्टीनेन्स’ के समय साफ किया जाएगा। साथ ही वायरों एवं नटबोल्ट को टाइट करने के साथ बैटरियों के पाजिटिव एवं निगेटिव टर्मिनल को चेक किया जाएगा तथा टर्मिनल पर जेली की भी जाॅच करते हुए यदि आवष्यक पाया गया तो जेली पुनः लगाई जाएगी।

इस तथ्य को सुनिष्चित किया जायेगा कि कहीं पर भी मानक क्षमता से कम क्षमता के केबलों का प्रयोग न हो। यदि केबल गरम हो रहा हो तो उस केबल को सही क्षमता के केबल से बदला जाएगा। ट्राॅसफारमर के एलटी साइड में प्रत्येक सप्ताह R, Y, B  फेज़ो का करेन्ट चेक किया जाएगा। यदि करेन्ट असन्तुलित है तो संतुलित किया जाएगा एवं यदि ट्रांसफारमर का कोई टर्मिनल ढ़ीला है तो उसे टाइट किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की आग की घटना से बचा जा सके।

कर्मचारियों एवं यूनियनों की सहभागिता में आग से बचने हेतु व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत उन्हें आवासों तथा कार्यालयों में विद्युत आग की अवस्था में पानी का इस्तेमाल न करने, बल्कि अन्य उपायों का इस्तेमाल कर आग को बुझाने के लिए जागरूक किया जायेगा। इसके अतिरिक्त उन्हें केबलों या जंक्षन बाक्स, पैनल इत्यादि के आसपास कोई भी ज्वलनषील पदार्थ न रखने हेतु सतर्क किया जायेगा। 

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