अमरोहा, जिला व शहर कांग्रेस कमेटी की संयुक्त बैठक में आगामी आम चुनाव की रणनीति तैयार की गई। कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने का आह्वïान करते हुए आश्वस्त किया गया कि उनकी मांग के मुताबिक ही प्रत्याशी की घोषणा की जाएगी। रविवार को हाशमी नगर स्थित जिला कार्यालय पहुंचे लोकसभा पर्यवेक्षक एवं पूर्व विधायक ब्रजराज सिंह चौहान ने कहा कि कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर सतर्कता बरतते हुए मजबूती से खड़ा होना होगा। केंद्र से भाजपा की विदायगी तय हो चुकी है। अगली सरकार राहुल गांधी के नेतृत्व में बनेगी। यकीन दिलाया कि कार्यकर्ताओं से बातचीत और उनके सुझाव से ही प्रत्याशी का ऐलान किया जाएगा। हाईकमान ने इस ओर साफ इशारा कर दिया है। श्री सिंह ने आगे कहा कि बीजेपी सरकार ने इस देश को सिर्फ लूटने का काम किया है। इस सरकार की कोई भी योजना धरातल पर दिखाई नहीं दी। सारे वादे खोखले और बेदम साबित हुए है। जिससे जनता में रोष बना है। कार्यकर्ता अब घरों से निकलकर जनता के बीच पहुंचे और इस सरकार की नाकामियों को उजागर करें। बैठक में जिलाध्यक्ष चौधरी सुखराज सिंह, शहराध्यक्ष फैज आलम राईनी, निराले मियां अंसारी, डा.कमलेश सिंह, अली इमाम रिजवी, चौधरी शमीम अय्यूब, हाजी शबीह अहमद, मेराजुल जफर, हाजी खुर्शीद अनवर, परवेज सिद्दीकी, फरहत हसन उर्फ हाजी शब्बन, विजेंद्र शर्मा, शहाना बेगम, डा.कमलेश सिंह, सलीम खां, मोहम्मद तारिक खां, राजीव सिरोही, सरदार इंद्र सिंह, खुश्तर मिर्जा, शाहिद सैफी व अब्दुल मलिक समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे
वक़्फ़ संशोधन बिल के विरोधियों को लखनऊ पुलिस द्वारा भेजा गया नोटिस असंवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट ले एक्शन- शाहनवाज़ आलम
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 . कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विचार रखने वाले नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आज़ादी और विरोध करने के मौलिक अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसलों की अवमानना पर स्वतः संज्ञान लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लखनऊ के कई नागरिकों को लखनऊ पुलिस द्वारा उनकी तरफ से वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ़ होने वाले संभावित प्रदर्शनों में शामिल होने का अंदेशा जताकर उन्हें नोटिस भेजा गया है. जबकि अभी नागरिकों की तरफ से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ भी नहीं है. सबसे गम्भीर मुद्दा यह है कि इन नोटिसों में नागरिकों को अगले एक साल तक के लिए उनसे शांति भंग का खतरा बताते हुए 50 हज़ार रुपये भी जमा कराने के साथ इतनी धनराशि की दो ज़मानतें भी मांगी जा रही हैं. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यूपी पुलिस यह कैसे भूल सकती है कि उसकी यह कार्यवाई संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है जो नागर...
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