नई दिल्ली - साल 2019 का बजट सिने जगत के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। मोदी सरकार ने सिने जगत के लिए एक बड़ी घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस बजट में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम देने का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि फिल्म मेकिंग आसान हो जाएगी। निर्माता—निर्देशक देश भर में कहीं भी जाकर शूटिंग कर सकेंगे। इस तरह की सुविधा होने से शूटिंग के दौरान लेने वाली परमिशन का बोझ कम होगा व फिल्म को शूट करने में कम वक्त लगेगा। अभी तक यह सुविधा केवल विदेशी फिल्म मेकर्स के पास ही थी, लेकिन अब यह सुविधा भारतीय फिल्म मेकर्स के पास भी होगी। देखा जाए तो यह फैसला सिने जगत के लिए बहुत ही अहम साबित होगा। बजट के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि फिल्म बनाने वालों के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस का प्रावधान किया है. ताकि इस उद्योग को आगे बढ़ाया जा सके. हम सबको बॉलीवुड फिल्में देखने का शौक है. देशभर में फिल्म बनाने का काम तेजी से चल रहा है. इसके जरिए कई लोगों को रोजगार मिलेगा चाहे वो हिन्दी सिनेमा हो या फिर तेलुगू, मलयालम जैसा क्षेत्रीय सिनेमा हो, सभी जगह रोजगार के मौके हैं. पायरेसी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. पायरेसी को रोकने के लिए एंटी-कैमकॉर्डिंग प्रावधान लाया जाएगा. सरकार की इस नई घोषणा के बाद कई बॉलीवुड सेलीब्रिटी ने सरकार की तारीफ की और उनका शुक्रिया अदा किया।
वक़्फ़ संशोधन बिल के विरोधियों को लखनऊ पुलिस द्वारा भेजा गया नोटिस असंवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट ले एक्शन- शाहनवाज़ आलम
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 . कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विचार रखने वाले नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आज़ादी और विरोध करने के मौलिक अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसलों की अवमानना पर स्वतः संज्ञान लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लखनऊ के कई नागरिकों को लखनऊ पुलिस द्वारा उनकी तरफ से वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ़ होने वाले संभावित प्रदर्शनों में शामिल होने का अंदेशा जताकर उन्हें नोटिस भेजा गया है. जबकि अभी नागरिकों की तरफ से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ भी नहीं है. सबसे गम्भीर मुद्दा यह है कि इन नोटिसों में नागरिकों को अगले एक साल तक के लिए उनसे शांति भंग का खतरा बताते हुए 50 हज़ार रुपये भी जमा कराने के साथ इतनी धनराशि की दो ज़मानतें भी मांगी जा रही हैं. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यूपी पुलिस यह कैसे भूल सकती है कि उसकी यह कार्यवाई संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है जो नागर...
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