सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कोविड-19 : देश में मरने वालों की संख्या 199 पर पहुंची, संक्रमितों की संख्या 6,412 हुई

नयी दिल्ली, :: कोरोना वायरस के कारण देश में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर शुक्रवार को 199 हो गई और संक्रमित लोगों की संख्या 6,412 पर पहुंच गई।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में अब भी 5,709 लोग संक्रमित हैं, 503 लोग स्वस्थ हो गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई तथा एक व्यक्ति देश छोड़कर चला गया।


मंत्रालय ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम से लेकर अब तक कम से कम 30 और लोगों की मौत हुई है।


महाराष्ट्र में 25 लोगों की मौत हुई है, दिल्ली में तीन तथा गुजरात और झारखंड में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।


अब तक सबसे अधिक 97 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई हैं। इसके बाद गुजरात में 17, मध्य प्रदेश में 16 और दिल्ली में 12 लोगों ने जान गंवाई।


पंजाब और तमिलनाडु में आठ-आठ लोगों की मौत हुई जबकि तेलंगाना में सात लोगों की मौत हुई।


पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में पांच-पांच लोगों ने जान गंवाई। आंध्र प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से चार-चार लोगों की मौत हुई जबकि हरियाणा तथा राजस्थान में तीन-तीन लोगों की मौत हुई।


स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, केरल में दो लोगों की मौत हुई। बिहार, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा तथा झारखंड में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।


कुल 6,412 संक्रमितों में 71 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।


बृहस्पतिवार शाम तक मरने वाले लोगों की संख्या 169 थी।


हालांकि, विभिन्न राज्यों से प्राप्त आंकड़ों की पीटीआई की तालिका के अनुसार बृहस्पतिवार देर शाम तक कम से कम 6,640 मामले सामने आए और 227 लोगों की मौत हुई।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों और विभिन्न राज्यों के आंकड़ों में अंतर है जिसके पीछे अधिकारियों ने अलग-अलग राज्यों को मामले सौंपने में प्रक्रियागत देरी की वजह बताई है।


मंत्रालय द्वारा सुबह जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण के सबसे अधिक 1,364 मामले महाराष्ट्र से आए हैं। इसके बाद तमिलनाडु से 834 और दिल्ली से 720 मामले सामने आए।


राजस्थान में मामले बढ़कर 463 हो गए जबकि तेलंगाना में 442 मामले दर्ज किए गए।


उत्तर प्रदेश में अभी तक 410 मामले सामने आए हैं। इसके बाद केरल में 357 और आंध्र प्रदेश में 348 मामले सामने आए।


मध्य प्रदेश में कोविड-19 से 259 लोग, गुजरात में 241, कर्नाटक में 181 और हरियाणा में 169 लोग संक्रमित पाए गए हैं।


जम्मू कश्मीर में 158 मामले, पश्चिम बंगाल में 116 और पंजाब में अभी तक 101 मामले सामने आए।


ओडिशा में कोरोना वायरस के 44 मामले दर्ज किए गए हैं। बिहार में इस विषाणु से 39 लोग संक्रमित पाए गए जबकि उत्तराखंड में 35 और असम में 29 मरीज सामने आए हैं।


चंडीगढ़ तथा हिमाचल प्रदेश में 18-18 मामले सामने आए जबकि लद्दाख में 15 और झारखंड में 13 लोग संक्रमित पाए गए।


अंडमान और निकोबार द्वीप में 11 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि छत्तीसगढ़ में 10 लोग इस संक्रामक रोग की चपेट में आए।


गोवा में संक्रमण के सात मामले सामने आए। इसके बाद पुडुचेरी में पांच मामले सामने आए। मणिपुर में दो जबकि त्रिपुरा, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक मामले सामने आए। 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रभारी महामंत्री अजय माकन के राजस्थान के फीडबैक कार्यक्रम मे पीसीसी सदस्य शरीफ की आवाज से कांग्रेस  हलके मे हड़कंप।

  जयपुर।             राजस्थान के नव मनोनीत प्रभारी कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री अजय माकन द्वारा प्रदेश के अलग अलग सम्भाग के फीडबैक कार्यक्रम के तहत 10-सितंबर को जयपुर सम्भाग के जिलेवार फीडबैक लेने के सिलसिले मे सीकर जिले के नेताओं व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिये जाते समय पीसीसी सदस्य मोहम्मद शरीफ द्वारा मुस्लिम समुदाय के सम्बन्धित सवाल खड़े करने के साथ माकन को दिये गये पार्टी हित मे उनके सुझावों के बाद वायरल उनके वीडियो से राजस्थान की कांग्रेस राजनीति मे हड़कंप मचा हुवा है।                    कांग्रेस कार्यकर्ता मोहम्मद शरीफ ने प्रभारी महामंत्री अजय माकन, अचानक बने प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा व प्रभारी सचिव एवं अन्य सीनियर नेताओं की मोजूदगी मे कहा कि मुस्लिम समुदाय चुनावो के समय बडी तादाद मे कांग्रेस के पक्ष मे मतदान करके कांग्रेस सरकार के गठन मे अहम किरदार अदा करता है। लेकिन सरकार बनने के बाद उन्हे सत्ता मे उचित हिस्सेदारी नही मिलती है। प्रदेश मे कांग्रेस के नो मुस्लिम विधायक होने के बावजूद केवल मात्र एक विधायक शाले मोहम्मद को मंत्री बनाकर उन्हें अल्पसंख्यक मंत्रालय तक सीमित करके र

सरकारी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के लिये मिलने वाले "महिला सशक्तिकरण अवार्ड" मे वाहिद चोहान मात्र वाहिद पुरुष। - वाहिद चोहान की शेक्षणिक जागृति के तहत बेटी पढाओ बेटी पढाओ का नारा पूर्ण रुप से क्षेत्र मे सफल माना जा रहा है।

                 ।अशफाक कायमखानी। जयपुर।              हर साल आठ मार्च को विश्व भर मे महिलाओं के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन महिलाओं को लेकर इस तरह के मनाये जाने वाले अनगिनत समारोह को वास्तविकता का रुप दे दिया जाये तो निश्चित ही महिलाओं के हालात ओर अधिक बेहतरीन देखने को मिल सकते है। इसके विपरीत राजस्थान के सीकर के लाल व मुम्बई प्रवासी वाहिद चोहान ने महिलाओं का वास्तव मे सशक्तिकरण करने का बीड़ा उठाकर अपने जीवन भर का कमाया हुया सरमाया खर्च करके वो काम किया है जिसकी मिशाल दूसरी मिलना मुश्किल है।इसी काम के लिये राजस्थान सरकार ने वाहिद चोहान को महिला सशक्तिकरण अवार्ड से नवाजा है। बताते है कि इस तरह का अवार्ड पाने वाले एक मात्र पुरुष वाहिद चोहान ही है।                   करीब तीस साल पहले सीकर शहर के रहने वाले वाहिद नामक एक युवा जो बाल्यावस्था मे मुम्बई का रुख करके वहां उम्र चढने के साथ कड़ी मेहनत से भवन निर्माण के काम से अच्छा खासा धन कमाने के बाद ऐसों आराम की जिन्दगी जीने की बजाय उसने अपने आबाई शहर सीकर की बेटियों को आला तालीमयाफ्ता करके उनका जीवन खुसहाल बनाने की जीद लेक

डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन

  लखनऊ : डॉक्टर अब्दुल कलाम प्राथमिक विश्वविद्यालय एकेटीयू लखनऊ द्वारा कराई जा रही ऑफलाइन परीक्षा के  विरोध में  एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक आदित्य चौधरी ने सौपा ज्ञापन आदित्य चौधरी ने कहा कि   केाविड-19 महामारी के एक बार पुनः देश में पैर पसारने और उ0प्र0 में भी दस्तक तेजी से देने की खबरें लगातार चल रही हैं। आम जनता व छात्रों में कोरोना के प्रति डर पूरी तरह बना हुआ है। सरकार द्वारा तमाम उपाय किये जा रहे हैं किन्तु एकेटीयू लखनऊ का प्रशासन कोरोना महामारी को नजरअंदाज करते हुए छात्रों की आॅफ लाइन परीक्षा आयोजित कराने पर अमादा है। जिसके चलते भारी संख्या में छात्रों की जान पर आफत बनी हुई है। इन परीक्षाओं में शामिल होने के लिए देश भर से तमाम प्रदेशों के भी छात्र परीक्षा देने आयेंगे जिसमें कई राज्य ऐसे हैं जहां नये स्टेन की पुष्टि भी हो चुकी है और विभिन्न स्थानों लाॅकडाउन की स्थिति बन गयी है। ऐसे में एकेटीयू प्रशासन द्वारा आफ लाइन परीक्षा कराने का निर्णय पूरी तरह छात्रों के हितों के विरूद्ध है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की मांग है कि इस निर्णय को तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वापस लि