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उत्तर प्रदेश में कोविड -19 संक्रमितों की संख्या 49 पहुंची, 14 ठीक हुए

लखनऊ, ::  उत्तर प्रदेश में कोविड—19 के छह नये मामले सामने आने के साथ इस संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़कर 49 हो गयी है।


स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान नोएडा में कोविड—19 संक्रमण के चार और गाजियाबाद में दो नये मामले सामने आये हैं। इसके साथ ही प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 49 हो गयी है।


उन्होंने बताया कि इनमें नोएडा में 18, आगरा में नौ, लखनऊ में आठ, गाजियाबाद में पांच, पीलीभीत में दो, बागपत, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, वाराणसी, कानपुर, जौनपुर और शामली का एक—एक मरीज शामिल है।


प्रसाद ने बताया कि इनमें से 14 लोग पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें आगरा के सात, नोएडा के चार, गाजियाबाद के दो तथा लखनऊ का एक व्यक्ति शामिल है। बाकी 35 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। सभी की हालत स्थिर है।


प्रमुख सचिव ने प्रदेश में कोविड—19 के 'कम्युनिटी ट्रांसमिशन' होने की बात से इनकार करते हुए कहा कि यह संक्रमण उन्हीं लोगों को हुआ है जो बाहर से आये हैं या उनके करीबी सम्पर्क में आये थे। कम्युनिटी ट्रांसमिशन का कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है।


उन्होंने कहा कि कोविड—19 संक्रमण से उबरकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके लोगों को भी सावधानी बरतनी होगी और सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोने का ख्याल रखना होगा।


प्रसाद ने बताया कि कोविड—19 की टेस्टिंग के लिये इस समय प्रदेश में आठ प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं। इसके अलावा झांसी प्रयागराज और लखनऊ में भी लैब खोलने की कार्रवाई शुरू की गयी है। प्रदेश में इस वक्त 4255 आइसोलेशन बेड तैयार हैं। सरकारी क्षेत्र में हमारा प्रयास है कि हम 15 हजार बेड उपलब्ध करायें। इसके अलावा निजी क्षेत्र से भी बातचीत की जा रही है और जरूरत पड़ने पर निजी क्षेत्र से भी बेड लिये जाएंगे।


उन्होंने बताया कि क्वारंटीन के लिये 6000 से ज्यादा बेड उपलब्ध हैं। प्रदेश के 75 जिलों में से अभी तक 12 जिलों में ही कोरोना पॉजिटिव केस पाये गये हैं। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं और उपकरण उपलब्ध कराये जा रहे हैं। अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे चिकित्साकर्मियों के लिये आईसीएमआर की सिफारिश पर हाइड्रॉक्सिल क्लोरोफीन दवा मंगा ली गयी है।


प्रसाद ने ताकीद की कि यह दवा आम जनता के लिये नहीं है। भारत सरकार ने इसे शेड्यूल एक्स में ला दिया है और कोई दुकानदार बिना पर्चे के इसे नहीं बेच सकता।


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