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भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ कर 81 हुए, केंद्र ने कहा ‘ अभी स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति नहीं

नयी दिल्ली,  ::  भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के अब तक 81 मामलों की पुष्टि हुई हैं। इनमें से कर्नाटक में 76 वर्षीय एक व्यक्ति और दिल्ली में 69 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अभी तक ‘‘स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति उत्पन्न नहीं ’’ हुई है।


स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा कि केरल से तीन रोगियों के अलावा (जिन्हें स्वस्थ होने के बाद पिछले महीने अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी), कोरोना वायरस से संक्रमित सात और रोगियों को ठीक कर दिया गया है और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।


उन्होंने बताया कि संक्रमित 81 लोगों में 16 इतालवी और एक कनाडियाई शामिल है।


उन्होंने केंद्र द्वारा महामारी रोग अधिनियम लागू किये जाने के विषय पर कहा, ‘‘यह स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति नहीं है।’’


देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से दूसरी मौत, दिल्ली में 68 वर्षीय एक महिला की हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार की इसकी पुष्टि की।


अधिकारियों ने बताया कि महिला की मौत एक से ज्यादा बीमारियों (मधुमेह और उच्च रक्तचाप) की वजह से हुई है। हालांकि, उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि भी हुई है।


उन्होंने बताया कि महिला राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती थी।


देश में इस संक्रमण से हुई यह दूसरी मौत है।


उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में मंगलवार को हुई 76 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से हुई पहली मृत्यु है। उसके कोरोना वायरस के चलते मौत होने की बृहस्पतिवार को पुष्टि हुई थी।


अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित 81 लोगों के संपर्क में आए कुल 4,000 लोगों को पूरे देश में गहन निगरानी में रखा गया है जबकि समूचे देश में 42,000 लोगों को सामुदायिक निगरानी में रखा गया है।


उन्होंने कहा कि प्रत्येक जरूरी सुविधाएं जैसे सामुदायिक निगरानी, पृथकरण, पृथक वार्ड, प्रशिक्षित मानवबल, त्वरित कार्रवाई दल आदि को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में और मजबूत किया गया है।


अग्रवाल ने बताया कि भारत ने अब तक विभिन्न देशों से 1,031 लोगों को निकाला है। इनमें 48 देशों के नागरिक शामिल है।


उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस प्रभावित देशों से लाए गए 890 लोगों को 14 दिन की पृथक अवधि पूरी करने और जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं होने पर छुट्टी दी गई है।


अग्रवाल ने बताया कि भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से 58 यात्रियों को 10 मार्च को ईरान से लाया गया। शुक्रवार को 44 यात्रियों को लेकर एक विमान मुंबई उतरा।


उन्होंने बताया कि इन लोगों को नवी मुंबई स्थित पृथक केंद्र में रखा जाएगा।


उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव रुबीना अली ने बताया कि शनिवार को महान एयर का एक विमान शनिवार को दिल्ली आने की उम्मीद है।


उन्होंने बताया कि जरूरत के मुताबिक और उड़ानों का परिचालन उन भारतीयों को लाने के लिए किया जाएगा जिनमें कोरोना वायरस से संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।


अधिकारी ने बताया कि भारत प्रोटोकाल के तहत ईरान में संक्रमित भारतीयों के इलाज में समन्वय कर रहा है।


सरकार ने चार डॉक्टरों की टीम रोम भेजी है। वे भारतीयों का नमूना लेने के लिए उचित साजोसामान के साथ गए हैं।


अली ने बताया कि एअर इंडिया इटली के मिलान में फंसे भारतीयों को लाने के लिए भी शनिवार को विमान भेजेगा। यह विमान शनिवार दोपहर 12 या एक बजे रवाना होगा और शनिवार सुबह सात बजकर 45 मिनट पर दिल्ली पहुंचेगा।


उन्होंने बताया कि 83 भारतीय पहले ही इटली से लौट चुके हैं।


अग्रवाल बताया कि इस बीच, जापान से लाए गए 124 और चीन से लाए गए 112 लोगों की जांच में उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए शुक्रवार से उन्हें घर भेजने का काम शुरू कर दिया गया।


गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अनिल मलिक ने बताया कि केंद्र ने कुल 37 अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकियों में से केवल 19 पर आवाजाही जारी रखने का फैसला किया है और भारत-बांग्लादेश के बीच ट्रेन और बसों का परिचालन 15 अप्रैल तक निलंबित रखने का फैसला किया है।


उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर केवल चार जांच चौकियों का परिचालन होगा। हालांकि, नेपाल और भूटान के लिए वीजा मुक्त प्रवेश जारी रहेगा।


मलिक ने बताया कि करतारपुर गलियारे को बंद करने पर फैसला विचारार्थ है। 


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