धूमधाम से मनाई बसंत, पहनें पीले कपड़े, खाई तहरी, उड़ाई पतंग

विद्या की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस वसंत पंचमी का त्योहार धूमधाम व उत्साह पूर्वक मनाया गया। एक ओर जहां धार्मिक आयोजन कर मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया गया। वहीं दूसरी ओर महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने पीले कपड़े पहनें, मीठे पकवान, पीले रंग के चावल अथवा तहरी का सेवन कर पतंगबाजी का जमकर लुत्फ लिया। बता दें कि बसंत पंचमी का पर्व बसंत ऋतु के आगमन का सूचक है। बसंत ऋतु सभी मौसमों से बड़ा माना जाता है। इस मौसम में ना चिलचिलाती धूप होती है, ना ही ज्यादा सर्दी और ना ही बारिश, बसंत ऋतु में पेड़ पौधों पर ताजी पत्ती के साथ ही ताजे फल व फूल खिलते हैं। जिले में वसंत पंचमी पर पतंगबाजी की परंपरा है। इसलिए रविवार को बसंत पंचमी के पर्व पर सुबह तड़के ही युवा और बच्चे छतों पर चढ़कर पतंगबाजी में जुट गए। कई स्थानों पर युवाओं ने छतों पर म्यूजिक सिस्टम लगाकर फिल्मी गीतों के बीच पंतगबाजी का आनंद लिया। पतंगबाजी के शौकीन लोगों ने पहले से ही पतंगबाजी के लिए मांझा-डोर व पतंग आदि की खरीददारी पूरी कर ली थी। बच्चों ने भी चरखी-डोर के साथ पतंगें खरीदीं और रविवार सुबह पतंगबाजी के लिए छतों पर पहुंच गये। आसमान भी रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया। चारों ओर वो काटा का शोर सुनाई पड़ रहा था। बसंत पंचमी के पर्व पर कई स्थानों पर तहरी का भोज भी कराया गया। तो कहीं बसंत पंचमी के त्योहार पर लोगों ने पीले कपड़े पहनें, पतंग उड़ाई और पीले रंग के चावल अथवा तहरी का सेवन किया


टिप्पणियाँ