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डोटासरा का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला: “शिक्षा नहीं, सत्ता और वसूली का धंधा चल रहा है”

 
       ।अशफाक कायमखानी।
जयपुर/लक्ष्मणगढ़।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान में शिक्षकों के तबादलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार और शिक्षा मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि माननीय हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बावजूद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुनियोजित तरीके से तबाह किया जा रहा है। परीक्षा सिर पर हैं, शैक्षणिक सत्र बीच में है, फिर भी 6521 व्याख्याताओं के तबादले कर दिए गए, जो बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। डोटासरा ने बताया कि इन 6521 तबादलों में से 1283 यानी करीब 20 प्रतिशत को “प्रशासनिक” बताकर किया गया, जबकि कांग्रेस सरकार के समय यह आंकड़ा मात्र 2 प्रतिशत था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तबादलों के नाम पर राजनीतिक बदले और वसूली का खेल चल रहा है। अपने विधानसभा क्षेत्र 

लक्ष्मणगढ़ का विशेष उल्लेख करते हुए डोटासरा ने कहा कि यहां 143 में से 122 व्याख्याताओं यानी लगभग 85 प्रतिशत को प्रशासनिक बताकर ट्रांसफर किया गया, जबकि कांग्रेस शासन में एक भी प्रशासनिक तबादला नहीं हुआ था।

उन्होंने कहा कि यह केवल तबादलों का मामला नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था को अस्थिर करने की साजिश है। तीन दिन पहले संस्कृत और माध्यमिक शिक्षा के 738 शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया, इससे पहले सितंबर में 4527 शिक्षकों को राजनीतिक दुर्भावना से इधर-उधर किया गया, जिनमें से करीब 50 प्रतिशत मामले कोर्ट में लंबित हैं। स्कूलों की हालत जर्जर है, 1.5 लाख से ज्यादा शिक्षक पद खाली पड़े हैं, कई संवर्गों में डीपीसी लंबित है और योजनाएं ठप पड़ी हैं।

डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार में न कोई स्पष्ट शिक्षा नीति है और न ही बच्चों के भविष्य की चिंता। रोज अदालतों में सरकार की किरकिरी हो रही है, शिक्षक सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं और स्कूल खाली हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सत्ता के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का नतीजा है, जिससे राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है।

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