शहर को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम — आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए ABC अभियान तेज़ रफ्तार में
।अशफाक कायमखानी।
सीकर-राजस्थान।
सीकर नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा ने बताया कि नगर परिषद सीकर एवं बीएसडब्ल्यूएस (एनजीओ) द्वारा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और रेबीज़ जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका को देखते हुए एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम को अभियान मोड में अत्यंत तेज़ी से संचालित किया जा रहा है। नगर परिषद की विशेष टीम रोज़ाना विभिन्न वार्डों में पहुंचकर कुत्तों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर ABC केंद्र भेज रही है, जहाँ सभी प्रक्रियाएँ उच्च मानकों पर पूरी की जा रही हैं।
ABC केंद्र में की जाने वाली प्रमुख प्रक्रियाएँ :—
बधियाकरण (स्टेरिलाइज़ेशन) — आबादी नियंत्रण का सबसे प्रभावी वैज्ञानिक तरीका एंटी-रेबीज़ टीकाकरण — शहर को रेबीज़-फ्री बनाने की दिशा में बड़ा कदम 3–5 दिनों तक देखभाल, साफ-सफाई, दवाइयों और रिकवरी की व्यवस्था सभी कार्य अनुभवी पशु चिकित्सकों, प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ और प्रोफेशनल डॉग हैंडलर्स द्वारा पूर्ण संवेदनशीलता के साथ किए जाते हैं। स्वास्थ्य लाभ के बाद कुत्तों को उनकी मूल लोकेशन पर सुरक्षित छोड़ा जाता है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन भी बना रहता है,कानूनी और मानक अनुपालन पूरा अभियान नगरपालिका अधिनियम, पशु कल्याण बोर्ड (भारत) तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जा रहा है। अब तक 2785 कुत्तों को पकड़ा गया जिसमें 90 कुत्तों को रिजेक्ट किया। 2695 को ऑपरेट किया गया।
शहरवासियों से विशेष अपील
य़ह अभियान आपकी सुरक्षा और शहर की स्वच्छता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ABC टीम के कार्य में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न करें, कुत्तों को पकड़ने या छोड़ने के दौरान भीड़ न लगाएं, टीम को पूर्ण सहयोग प्रदान करें, व्यवस्था में रुकावट डालना प्रक्रिया को धीमा करता है और सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करता है।
नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा ने नागरिकों से आग्रह किया है कि ABC टीम की कार्यवाही के दौरान अनुशासन बनाए रखें और सहयोग करें।
वक़्फ़ संशोधन बिल के विरोधियों को लखनऊ पुलिस द्वारा भेजा गया नोटिस असंवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट ले एक्शन- शाहनवाज़ आलम
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 . कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विचार रखने वाले नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आज़ादी और विरोध करने के मौलिक अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसलों की अवमानना पर स्वतः संज्ञान लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लखनऊ के कई नागरिकों को लखनऊ पुलिस द्वारा उनकी तरफ से वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ़ होने वाले संभावित प्रदर्शनों में शामिल होने का अंदेशा जताकर उन्हें नोटिस भेजा गया है. जबकि अभी नागरिकों की तरफ से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ भी नहीं है. सबसे गम्भीर मुद्दा यह है कि इन नोटिसों में नागरिकों को अगले एक साल तक के लिए उनसे शांति भंग का खतरा बताते हुए 50 हज़ार रुपये भी जमा कराने के साथ इतनी धनराशि की दो ज़मानतें भी मांगी जा रही हैं. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यूपी पुलिस यह कैसे भूल सकती है कि उसकी यह कार्यवाई संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है जो नागर...

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