।अशफाक कायमखानी।
सीकर-राजस्थान।
राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, जयपुर द्वारा जारी निर्देशों की पालना में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर सीकर मुकुल शर्मा द्वारा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 3, 4 एवं 5 के अंतर्गत पंचायत समिति तथा ग्राम पंचायतों के वार्डों (एकल निर्वाचन क्षेत्र) के पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन की कार्यवाही के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारियों को अधिकृत किया गया है।
आदेशानुसार जिले की पंचायत समितियों रामगढ़ शेखावाटी, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, बलारां, नेछवा, धोद ग्रामीण (मुख्यालय सीकर), धोद, पिपराली, दांतारामगढ़, पलसाना, खाचरियावा, खाटूश्यामजी, खण्डेला, नीमकाथाना, पाटन, श्रीमाधोपुर एवं अजीतगढ़ में वार्ड पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन की कार्यवाही संबंधित पंचायत समितिवार के लिए नामित उपखण्ड अधिकारियों द्वारा विभागीय दिशा-निर्देशों एवं गाइडलाइन के अनुसार संपादित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कार्यवाही के अंतर्गत प्रारूप प्रकाशन एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए संबंधित विकास अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों, पटवारियों एवं अन्य राजस्व कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा। पुनर्गठन से संबंधित संपूर्ण प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में एवं रंगीन नक्शों सहित तैयार कर हार्ड कॉपी (पांच प्रतियों में) तथा सॉफ्ट कॉपी के रूप में 23 दिसम्बर 2025 तक जिला कलेक्टर कार्यालय, सीकर में प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें।
वक़्फ़ संशोधन बिल के विरोधियों को लखनऊ पुलिस द्वारा भेजा गया नोटिस असंवैधानिक, सुप्रीम कोर्ट ले एक्शन- शाहनवाज़ आलम
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल 2025 . कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ विचार रखने वाले नागरिकों के संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आज़ादी और विरोध करने के मौलिक अधिकारों के हनन करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसलों की अवमानना पर स्वतः संज्ञान लेकर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की है. शाहनवाज़ आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि लखनऊ के कई नागरिकों को लखनऊ पुलिस द्वारा उनकी तरफ से वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ़ होने वाले संभावित प्रदर्शनों में शामिल होने का अंदेशा जताकर उन्हें नोटिस भेजा गया है. जबकि अभी नागरिकों की तरफ से कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ भी नहीं है. सबसे गम्भीर मुद्दा यह है कि इन नोटिसों में नागरिकों को अगले एक साल तक के लिए उनसे शांति भंग का खतरा बताते हुए 50 हज़ार रुपये भी जमा कराने के साथ इतनी धनराशि की दो ज़मानतें भी मांगी जा रही हैं. शाहनवाज़ आलम ने कहा कि यूपी पुलिस यह कैसे भूल सकती है कि उसकी यह कार्यवाई संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है जो नागर...
टिप्पणियाँ