15वें वित्त आयोग ने गोवा के शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की

15वें वित्त आयोग ने आयोग के अध्यक्ष श्री एन.के. सिंह, आयोग के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज गोवा में शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।


आयोग को अवगत कराया गयाः



  • संविधान की 12वीं सूची में उल्लेखित 18 कार्यकलापों में से 10 कार्यकलापों के लिए शहरी स्थानीय निकायों को अधिकृत कर दिया गया है। इन 10 कार्यकलापों में से सड़क और पुल, जन-स्वास्थ्य, स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन के लिए निकायों को आंशिक रूप से अधिकृत किया गया है।

  • निकायों के खातों का रखरखाव किया जा रहा है और 2016-17 तक खातों की जांच की जा चुकी है।

  • शहरी स्थानीय निकायों के प्रत्येक स्तर पर स्थानीय निकायों (2018) की संख्या इस प्रकार हैः


 






















यूएलबी



स्थानीय निकायों की संख्या



नगर निगम



01 (पणजी)



नगर पालिका



13



कुल



14



 



  • पहले राज्य वित्त आयोग का गठन 1999 में किया गया था और गोवा सरकार ने नवंबर, 2001 में सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था।

  • दूसरे राज्य वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट दिसंबर 2017 में सौंपी थी, लेकिन सरकार ने दूसरे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार नहीं किया है।

  • तीसरे राज्य वित्त आयोग का गठन जनवरी 2017 में, यानी दूसरे वित्त आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के 10 वर्षों के बाद किया गया था और तीन साल पूरे होने के बाद अभी रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है।


14वें वित्त आयोग की सिफारिशें:



  • 14वें वित्त आयोग ने शहरी स्थानीय निकाय के लिए 220 करोड़ रुपये (बुनियादी अनुदान 176 करोड़ रुपये और प्रदर्शन अनुदान 44 करोड़ रुपये) के अनुदान को स्वीकृति दी। 176 करोड़ रुपये (बुनियादी अनुदान) में से गोवा को 31 मार्च, 2019 के अंत तक केवल 104 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। (14वें वित्त आयोग द्वारा अनुमोदित बुनियादी अनुदान का 59 प्रतिशत)

  • 44 करोड़ रुपये के प्रदर्शन अनुदान में से गोवा को 2016-17 (प्रदर्शन अनुदान का पहला वर्ष) में केवल 8.62 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। (14वें वित्त आयोग द्वारा अनुमोदित अनुदान का 20 प्रतिशत)


15वें वित्त आयोग ने दूसरे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार न करने का कारण पूछा है। आयोग यह भी जानना चाहता है कि अपने गठन के तीन साल के बाद भी तीसरे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं सौंपी गई है। आयोग यह भी जानना चाहता है कि शहरी स्थानीय निकायों को विज्ञापन और मनोरंजन कर के मद्देनजर राजस्व का कोई नुकसान तो नहीं हुआ है।


बैठक में शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों में पणजी नगर निगम के महापौर श्री उदय वी. मडकायकर, मपूसा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री रेयन ब्रेगांजा, बिचोलिम नगर परिषद के अध्यक्ष श्री राजाराम ए. गांवकर, वालपोई नगर परिषद के अध्यक्ष श्री अख्तर अली शाह, कनाकोना नगर परिषद की अध्यक्ष श्रीमती नीतू समीर देसाई, कुनकोलिम नगर परिषद की अध्यक्ष श्रीमती पेंजी कुटिनहो और मोरमुगाओ नगर परिषद के अध्यक्ष श्री नंदादीप एम. राउत उपस्थित थे।


आयोग ने प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विषयों पर गौर किया और प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि केन्द्र सरकार की सिफारिशों के संदर्भ में विषयों का समाधान किया जाएगा।


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